आपकी बुलाहट क्या है?

आपकी बुलाहट क्या है?

आपकी बुलाहट क्या है? सेवा कार्य आपकी दृष्टि में एक वरदान है या अभिशाप? सेवा करने से पहले बुलाहट पहचानो। अपनी बुलाहट पहचानो: आपके लिये सेवा कार्य करना एक बुलाहट है या श्राप  क्या आप सेवा के तौर पर कार्य करते हैं, या अभिशाप के रूप में काम करते हैं? स्वयं की जाँच कीजिये  आपकी बुलाहट क्या है? अपनी बुलाहट पहचानो क्या आपके लिये सेवा कार्य करना एक बुलाहट है या श्राप? आपके लिए केवल काम करने का एक कारण है,या आप अपने काम के लिए ही जीवित रहते हैं। 

सेवा कार्य आपकी दृष्टि में एक वरदान है या अभिशाप?

सेवा करने से पहले बुलाहट पहचानो। आपका काम बुझा हुया या बस टालमटोल, पूरा करने वाला, नीरस या चुनौतीपूर्ण है। सेवा कार्य वरदान है, एक बात निश्चित है, यह परमेश्वर के लिए कभी अभिशाप नहीं था।  सेवा कार्य वरदान है, क्योंकि इसका रचियता स्वयम परमेश्वर है, उसने ही आदम के लिये इसका आविष्कार किया।  जब मनुष्य को समय की शुरुआत में बगीचे में रखा गया था, तो परमेश्वर ने उसे इसकी देखभाल करने और खेती करने के लिए कहा। जाहिर है कि काम के लिए कहा जाता है। मनुष्य के पाप करने के बाद, परमेश्वर ने कहा कि काम कठिन होगा, लेकिन इसका मतलब वह अभी भी मनुष्य के अच्छे के लिए सोच रहा था। 

हम काम के बारे में एक स्वस्थ दृष्टिकोण कैसे रख सकते हैं? 

पवित्रशास्त्र के शब्दों को सुनें,”आप लोग जो भी काम करें, मन लगा कर करें, मानो मनुष्‍यों के लिए नहीं, बल्‍कि प्रभु के लिए काम कर रहे हों;”। कुलुस्सियों 3:23

अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके परमेश्वर की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त करें।

जब हम उस दृष्टिकोण को अपनाते हैं, तो कोई बात नहीं, कितना भी कठिन, कितना भी नीरस या चुनौतीपूर्ण क्यों न हो, ईश्वर को प्रसन्न करने के लिए काम करने की हमारी प्रेरणा काम में अर्थ खोजने की कुंजी है। तो आप कभी भी क्या करते हैं, यह एक प्लंबर या राष्ट्रपति, एक बढ़ई या एक शिक्षक, एक चौकीदार या सीईओ, अपने काम को बुलाहट, आशीष और सेवा के रूप में देखें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके परमेश्वर की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त करें। 

पवित्र शास्त्र में काम से संबन्धित पद; मनन के लिये

  • जो मनुष्‍य अपने काम में सुस्‍ती करता है, वह मानो काम बिगाड़नेवाले का भाई है। नीतिवचन 18:9 
  • दुर्जन किसी काम का आदमी नहीं होता; बकवादी यहां-वहां कुटिल बातें कहता फिरता है। नीतिवचन 6:12
  • भोला मनुष्‍य मूर्खता के काम करता है; परन्‍तु चतुर व्यक्‍ति ज्ञान से सुशोभित होते हैं।नीतिवचन 14:18
  • जो मनुष्‍य बुरे काम करने की योजनाएं बनाता है, उसको लोग दुष्‍कर्मी कहते हैं। नीतिवचन 24:8
  • क्‍योंकि बुरे काम करनेवाले मनुष्‍य का भविष्‍य अन्‍धकारमय होता है; दुर्जन का जीवन-दीप बुझ जाएगा। नीतिवचन 20:24
  • वह ऊन और पटसन खोज कर लाती है, और प्रसन्नतापूर्वक अपने हाथों से काम करती है। नीतिवचन  31:13
  • सभोपदेशक 11:6 

सकारात्मक आपकी आंतरिक शक्ति है

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