पवित्रशास्त्र के अनुसार हम कौन हैं? | ACCORDING TO BIBLE “WHO ARE YOU”?

पवित्रशास्त्र के अनुसार हम कौन हैं? | ACCORDING TO BIBLE “WHO ARE YOU”?

87. 34. Hath God cast away his people? God forbid (क्या परमेश्वर ने अपनी प्रजा को त्याग दिया? कदापि नहीं;)

पवित्रशास्त्र के अनुसार हम कौन हैं? | ACCORDING TO BIBLE “WHO ARE YOU”? जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं । परमेश्वर आपसे प्यार करता है, आप सुंदर हैं, अद्भुत हैं, सर्वशक्तिमान परमेश्वर आप से प्यार करते हैं। आपको बाइबल की पैंतीस आयतों को जानना चाहिए, जो मसीह में, मसीह के साथ, मसीह द्वारा, आपकी पहचान को परिभाषित करती हैं।

 आप खुद से पूछते हैं “मैं मसीह में कौन हूं, (KNOW “WHO ARE YOU”) ? “आप कौन हैं”?

बाइबिल के 35 शास्त्र वचन, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं, सभी के बारे में जानें। जानिए “आप कौन हैं”? “35 अद्भुत शास्त्र हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं”। परमेश्वर आपके बारे में क्या कहते हैं? जानिए “आप कौन हैं”? आप बाइबल के पैंतीस पद जानते हैं, जो मसीह में, मसीह के साथ, मसीह में आपकी पहचान को परिभाषित करते हैं। आप के बारे में हैं, आपको  पता होना चाहिए।

आपको इसके बारे में पता होना चाहिए। (YOU MUST KNOW ABOUT ALL)

1. You are Beautiful (आप खूबसूरत हैं) 

  • तू मनुष्य की सन्तानों में परम सुन्दर है; तेरे ओठों में अनुग्रह भरा हुआ है; इसलिये परमेश्वर ने तुझे सदा के लिये आशीष दी है। भजन संहिता 45:2
  • और राजा तेरे रूप की चाह करेगा। क्योंकि वह तो तेरा प्रभु है, तू उसे दण्डवत कर। भजन संहिता 45:11
  • सोर की राजकुमारी भी भेंट करने के लिये उपस्थित होगी, प्रजा के धनवान लोग तुझे प्रसन्न करने का यत्न करेंगे॥ भजन संहिता 45:12
  • राजकुमारी महल में अति शोभायमान है, उसके वस्त्र में सुनहले बूटे कढ़े हुए हैं; भजन संहिता 45:13

परमेश्वर आपके बारे में क्या कहते हैं? (WHAT GOD SAYS ABOUT YOU?)

2. You are Unique (आप अद्भुत हैं)

मेरे मन का स्वामी तो तू है; तू ने मुझे माता के गर्भ में रचा।  भजन संहिता 139:13

  • मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं।
  • तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं।  भजन संहिता 139:14
  • जब मैं गुप्त में बनाया जाता, और पृथ्वी के नीचे स्थानों में रचा जाता था, तब मेरी हडि्डयां तुझ से छिपी न थीं।  भजन संहिता 139:15
  • तेरी आंखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा; और मेरे सब अंग जो दिन दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहिले तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे। भजन संहिता 139:16

KNOW “WHO ARE YOU”?

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

3. YOU ARE VICTORIOUS (आप विजेता हैं)

  •  फिर जिन्हें उस ने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है,
  • और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है॥  रोमियो 8:30
  • परन्तु इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिस ने हम से प्रेम किया है, जयवन्त से भी बढ़कर हैं।  रोमियो 8:37
  •  क्योंकि मैं निश्चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ, न ऊंचाई,  रोमियो 8:38
  •  न गहिराई और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी॥  रोमियो 8:39

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

4.You are Special (आप विशेष हैं)

  •  क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया॥  इफिसियों 2:10
  •  मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा,
  • अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा॥ यशायाह 41:10
  •  क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा, तेरा दहिना हाथ पकड़कर कहूंगा, मत डर, मैं तेरी सहायता करूंगा॥ यशायाह 41:13
  •  जिस से लोग देखकर जान लें, और सोचकर पूरी रीति से समझ लें कि यह यहोवा के हाथ का किया हुआ,

और इस्राएल के पवित्र का सृजा हुआ है॥ यशायाह 41:20

  •  मेरे दास को देखो जिसे मैं संभाले हूं, मेरे चुने हुए को, जिस से मेरा जी प्रसन्न है; मैं ने उस पर अपना आत्मा रखा है,
  • वह अन्यजातियों के लिये न्याय प्रगट करेगा। यशायाह 42:1
  •  ईश्वर जो आकाश का सृजने और तानने वाला है, जो उपज सहित पृथ्वी का फैलाने वाला और उस पर के लोगों को सांस और उस पर के चलने वालों को आत्मा देने वाला यहावो है, वह यों कहता है: यशायाह 42:5

मुझ यहोवा ने तुझ को धर्म से बुला लिया है;

  •  मुझ यहोवा ने तुझ को धर्म से बुला लिया है; मैं तेरा हाथ थाम कर तेरी रक्षा करूंगा;
  • मैं तुझे प्रजा के लिये वाचा और जातियों के लिये प्रकाश ठहराऊंगा; कि तू अन्धों की आंखें खोले, यशायाह 42:6
  •  मैं यहोवा हूं, मेरा नाम यही है; अपनी महिमा मैं दूसरे को न दूंगा और जो स्तुति मेरे योग्य है वह खुदी हुई मूरतों को न दूंगा। यशायाह 42:8
  •  हे इस्राएल तेरा रचने वाला और हे याकूब तेरा सृजनहार यहोवा अब यों कहता है, मत डर, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है;

मैं ने तुझे नाम ले कर बुलाया है, तू मेरा ही है। यशायाह 43:1

  •  जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी;
  • जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी। यशायाह 43:2
  •  क्योंकि मैं यहोवा तेरा परमेश्वर हूं, इस्राएल का पवित्र मैं तेरा उद्धारकर्ता हूं।
  • तेरी छुड़ौती में मैं मिस्र को और तेरी सन्ती कूश और सबा को देता हूं।  यशायाह 43:3
  •  मत डर, क्योंकि मैं तेरे साथ हूं; मैं तेरे वंश को पूर्व से ले आऊंगा, और पच्छिम से भी इकट्ठा करूंगा।  यशायाह 43:5

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

5. You are Created For A Purpose (आप एक विशेष उद्देश्य के लिए बनाए गए हैं)

  • क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ, उन्हें मैं जानता हूँ,
  • वे हानी की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा।  यिर्मयाह 29:11
  • और उस समय यह कहा जाएगा, देखो, हमारा परमेश्वर यही है; हम इसी की बाट जोहते आए हैं, कि वह हमारा उद्धार करे।
  • यहोवा यही है; हम उसकी बाट जोहते आए हैं। हम उस से उद्धार पाकर मगन और आनन्दित होंगे। यशायाह 25:9

Who You are ?? आप कौन हैं ??- DID YOU KNOW 35 AMAZING SCRIPTURES THAT DEFINE YOUR WORTH.

6. You are Cared For (आप देखभाल के लिए बनाए गए हैं)

  • इसलिये मैं बिनती करता हूं कि जो क्लेश तुम्हारे लिये मुझे हो रहे हैं, उनके कारण हियाव न छोड़ो,
  • क्योंकि उन में तुम्हारी महिमा है॥  इफिसियों 3:13
  • मैं इसी कारण उस पिता के साम्हने घुटने टेकता हूं,  इफिसियों 3:14
  • जिस से स्वर्ग और पृथ्वी पर, हर एक घराने का नाम रखा जाता है।  इफिसियों 3:15

कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे,

  • कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्व में सामर्थ पाकर बलवन्त होते जाओ।  इफिसियों 3:16
  • और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में बसे कि तुम प्रेम में जड़ पकड़ कर और नेव डाल कर।  इफिसियों 3:17
  • सब पवित्र लोगों के साथ भली भांति समझने की शक्ति पाओ;
  • कि उसकी चौड़ाई, और लम्बाई, और ऊंचाई, और गहराई कितनी है। इफिसियों 3:18
  •  मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ॥  इफिसियों 3:19
  • अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है,
  • उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है, इफिसियों 3:20

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

7. You are created in His Image (आप परमेश्वर के स्वरूप में सृजे गये हैं)

  •  फिर परमेश्वर ने कहा, हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं;
  • और वे समुद्र की मछलियों, और आकाश के पक्षियों, और घरेलू पशुओं, और सारी पृथ्वी पर,
  • और सब रेंगने वाले जन्तुओं पर जो पृथ्वी पर रेंगते हैं, अधिकार रखें।  उत्पत्ति 1:26
  •  तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया,
  • नर और नारी करके उसने मनुष्यों की सृष्टि की।  उत्पत्ति 1:27

  परमेश्वर ने उन को आशीष दी: और उन से कहा, फूलो-फलो, और पृथ्वी में भर जाओ,

  •  उसको अपने वश में कर लो; समुद्र की मछलियों, तथा आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर रेंगने वाले सब जन्तुओ पर अधिकार रखो।  उत्पत्ति 1:28
  •  फिर परमेश्वर ने उन से कहा, सुनो, जितने बीज वाले छोटे छोटे पेड़ सारी पृथ्वी के ऊपर हैं,
  • और जितने वृक्षों में बीज वाले फल होते हैं, वे सब मैं ने तुम को दिए हैं; वे तुम्हारे भोजन के लिये हैं:  उत्पत्ति 1:29
  •  और जितने पृथ्वी के पशु, और आकाश के पक्षी, और पृथ्वी पर रेंगने वाले जन्तु हैं,
  • जिन में जीवन के प्राण हैं, उन सब के खाने के लिये मैं ने सब हरे हरे छोटे पेड़ दिए हैं; और वैसा ही हो गया।  उत्पत्ति 1:30

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

8. You are my friends (तुम मेरे मित्र हो) यहून्ना 15:

  •  मेरे पिता की महिमा इसी से होती है, कि तुम बहुत सा फल लाओ, तब ही तुम मेरे चेले ठहरोगे।  यूहन्ना 15:8
  •  जैसा पिता ने मुझ से प्रेम रखा, वैसा ही मैं ने तुम से प्रेम रखा, मेरे प्रेम में बने रहो।  यूहन्ना 15:9
  •  यदि तुम मेरी आज्ञाओं को मानोगे, तो मेरे प्रेम में बने रहोगे: जैसा कि मैं ने अपने पिता की आज्ञाओं को माना है,

और उसके प्रेम में बना रहता हूं।  यूहन्ना 15:10

  •  मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि मेरा आनन्द तुम में बना रहे, और तुम्हारा आनन्द पूरा हो जाए।  यूहन्ना 15:11
  •  मेरी आज्ञा यह है, कि जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो।  यूहन्ना 15:12
  •  इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे।  यूहन्ना 15:13
  •  जो कुछ मैं तुम्हें आज्ञा देता हूं, यदि उसे करो, तो तुम मेरे मित्र हो।  यूहन्ना 15:14
  •  अब से मैं तुम्हें दास न कहूंगा, क्योंकि दास नहीं जानता, कि उसका स्वामी क्या करता है:
  • परन्तु मैं ने तुम्हें मित्र कहा है, क्योंकि मैं ने जो बातें अपने पिता से सुनीं, वे सब तुम्हें बता दीं।  यूहन्ना 15:15

9. We are witnesses of these things and the Holy Ghost (तुम भी गवाह हो)

  •  तुम भी गवाह हो क्योंकि तुम आरम्भ से मेरे साथ रहे हो॥  यूहन्ना 15:27 प्रेरितों के काम1 1:
  •  परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे;
  • और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे।  प्रेरितों के काम 1:8
  •  कि परमेश्वर कहता है, कि अन्त कि दिनों में ऐसा होगा, कि मैं अपना आत्मा सब मनुष्यों पर उंडेलूंगा,
  • और तुम्हारे बेटे और तुम्हारी बेटियां भविष्यद्वाणी करेंगी और तुम्हारे जवान दर्शन देखेंगे, और तुम्हारे पुरिनए स्वप्न देखेंगे।  प्रेरितों के काम 2:17
  •  और जो कोई प्रभु का नाम लेगा, वही उद्धार पाएगा।  प्रेरितों के काम 2:21

 हे इस्त्राएलियों, ये बातें सुनो: कि यीशु नासरी एक मनुष्य था,

  • जिस का परमेश्वर की ओर से होने का प्रमाण उन सामर्थ के कामों और आश्चर्य के कामों और चिन्हों से प्रगट है,
  • जो परमेश्वर ने तुम्हारे बीच उसके द्वारा कर दिखलाए जिसे तुम आप ही जानते हो।  प्रेरितों के काम 2:22
  •  उसी को, जब वह परमेश्वर की ठहराई हुई मनसा और होनहार के ज्ञान के अनुसार पकड़वाया गया,
  • तो तुम ने अधमिर्यों के हाथ से उसे क्रूस पर चढ़वा कर मार डाला।  प्रेरितों के काम 2:23

 परन्तु उसी को परमेश्वर ने मृत्यु के बन्धनों से छुड़ाकर जिलाया:

  • क्योंकि यह अनहोना था कि वह उसके वश में रहता। प्रेरितों के काम 2:24
  •   दाऊद उसके विषय में कहता है, कि मैं प्रभु को सर्वदा अपने साम्हने देखता रहा,
  • क्योंकि वह मेरी दाहिनी ओर है, ताकि मैं डिग न जाऊं।  प्रेरितों के काम 2:25
  •  इसी कारण मेरा मन आनन्द हुआ, और मेरी जीभ मगन हुई; वरन मेरा शरीर भी आशा में बसा रहेगा।  प्रेरितों के काम 2:26
  •  क्योंकि तू मेरे प्राणों को अधोलोक में न छोड़ेगा; और न अपने पवित्र जन को सड़ने ही देगा!  प्रेरितों के काम 2:27

मुझे जीवन का मार्ग बताया है

  •  तू ने मुझे जीवन का मार्ग बताया है; तू मुझे अपने दर्शन के द्वारा आनन्द से भर देगा।  प्रेरितों के काम 2:28
  •  पतरस ने उन से कहा, मन फिराओ, और तुम में से हर एक अपने अपने पापों की क्षमा के लिये यीशु मसीह के नाम से बपतिस्मा ले;
  • तो तुम पवित्र आत्मा का दान पाओगे।  प्रेरितों के काम 2:38
  •  और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया,
  • जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें॥  प्रेरितों के काम 4:12
  •  जब उन्होंने पतरस और यूहन्ना का हियाव देखा, ओर यह जाना कि ये अनपढ़ और साधारण मनुष्य हैं,
  • तो अचम्भा किया; फिर उन को पहचाना, कि ये यीशु के साथ रहे हैं। प्रेरितों के काम 4:13
  • और चंगा करने के लिये तू अपना हाथ बढ़ा; कि चिन्ह और अद्भुत काम तेरे पवित्र सेवक यीशु के नाम से किए जाएं।  प्रेरितों के काम 4:30

मुझे जीवन का मार्ग बताया है

  • और प्रेरित बड़ी सामर्थ से प्रभु यीशु के जी उठने की गवाही देते रहे और उन सब पर बड़ा अनुग्रह था। प्रेरितों के काम 4:33
  •  तब पतरस और, और प्रेरितों ने उत्तर दिया, कि मनुष्यों की आज्ञा से बढ़कर परमेश्वर की आज्ञा का पालन करना ही कर्तव्य कर्म है।  प्रेरितों के काम 5:29
  •  हमारे बाप दादों के परमेश्वर ने यीशु को जिलाया, जिसे तुम ने क्रूस पर लटका कर मार डाला था।  प्रेरितों के काम 5:30
  •  उसी को परमेश्वर ने प्रभु और उद्धारक ठहराकर, अपने दाहिने हाथ से सर्वोच्च कर दिया,
  • कि वह इस्त्राएलियों को मन फिराव की शक्ति और पापों की क्षमा प्रदान करे।  प्रेरितों के काम 5:31
  • और हम इन बातों के गवाह हैं, और पवित्र आत्मा भी, जिसे परमेश्वर ने उन्हें दिया है,
  • जो उस की आज्ञा मानते हैं॥  प्रेरितों के काम 5:32

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

10. You are the Apple of God’s Eye (आप परमेश्वर की आँखों की पुतली हैं)

  •  क्योंकि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, उस तेज के प्रगट होने के बाद उसने मुझे उन जातियों के पास भेजा है जो तुम्हें लूटती थीं,
  • क्योंकि जो तुम को छूता है, वह मेरी आंख की पुतली ही को छूता है।  जकर्याह 2:8
  •  हे सिय्योन, ऊंचे स्वर से गा और आनन्द कर, क्योंकि देख, मैं आकर तेरे बीच में निवास करूंगा, यहोवा की यही वाणी है। जकर्याह 2:10

11. You are Accepted (आप स्वीकार किये गए हैं)

  •   अपनी इच्छा की सुमति के अनुसार हमें अपने लिये पहिले से ठहराया, कि यीशु मसीह के द्वारा हम उसके लेपालक पुत्र हों, इफिसियों 1:5
  •  कि उसके उस अनुग्रह की महिमा की स्तुति हो, जिसे उस ने हमें उस प्यारे में सेंत मेंत दिया।  इफिसियों 1:6
  •  हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है।  इफिसियों 1:7

 जिसे उस ने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया।  इफिसियों 1:8

  •  कि उस ने अपनी इच्छा का भेद उस सुमति के अनुसार हमें बताया जिसे उस ने अपने आप में ठान लिया था।  इफिसियों 1:9
  •  कि समयों के पूरे होने का ऐसा प्रबन्ध हो कि जो कुछ स्वर्ग में है, और जो कुछ पृथ्वी पर है, सब कुछ वह मसीह में एकत्र करे। इफिसियों 1:10
  •  उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जाकर मीरास बने।  इफिसियों 1:11
  •  कि हम जिन्हों ने पहिले से मसीह पर आशा रखी थी, उस की महिमा की स्तुति के कारण हों।  इफिसियों 1:12
  •  और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया,
  • प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी।  इफिसियों 1:13
  •  वह उसके मोल लिए हुओं के छुटकारे के लिये हमारी मीरास का बयाना है, कि उस की महिमा की स्तुति हो॥  इफिसियों 1:14

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

12. You are Lovely (आप प्यारे हैं)

  •  तब सिखाने वालों की चमक आकाशमण्डल की सी होगी, और जो बहुतों को धर्मी बनाते हैं, वे सर्वदा की नाईं प्रकाशमान रहेंगे।  दानिय्येल 12:3
  •  मेरा प्रेमी मुझ से कह रहा है, हे मेरी प्रिय, हे मेरी सुन्दरी, उठ कर चली आ;  श्रेष्ठगीत 2:10
  • हे मेरी प्रिय तू सुन्दर है, तू सुन्दर है! तेरी आंखें तेरी लटों के बीच में कबूतरों की सी दिखाई देती है।
  • तेरे बाल उन बकरियों के झुण्ड के समान हैं जो गिलाद पहाड़ के ढाल पर लेटी हुई हों।  श्रेष्ठगीत 4:1
  •  तेरे दान्त उन ऊन कतरी हुई भेड़ों के झुण्ड के समान हैं, जो नहाकर ऊपर आईं हों, उन में हर एक के दो दो जुड़वा बच्चे होते हैं।
  • और उन में से किसी का साक्षी नहीं मरा। श्रेष्ठगीत 4:2
  •  तेरे होंठ लाल रंग की डोरी के समान हैं, और तेरा मुंह मनोहर है, तेरे कपोल तेरी लटों के नीचे अनार की फाँक से देख पड़ते हैं।  श्रेष्ठगीत 4:3
  •  हे मेरी प्रिय तू सर्वांग सुन्दरी है; तुझ में कोई दोष नहीं।  श्रेष्ठगीत 4:7
  •  हे मेरी बहिन, हे मेरी दुल्हिन, तू ने मेरा मन मोह लिया है, तू ने अपनी आंखों की एक ही चितवन से,

श्रेष्ठगीत

  • और अपने गले के एक ही हीरे से मेरा हृदय मोह लिया है।  श्रेष्ठगीत 4:9
  • श्रेष्ठगीत 4:10, हे मेरी बहिन, हे मेरी दुल्हिन, तेरा प्रेम क्या ही मनोहर है! तेरा प्रेम दाखमधु से क्या ही उत्तम है,
  • और तेरे इत्रोंका सुगन्ध इस प्रकार के मसालों के सुगन्ध से!
  •  हे मेरी दुल्हिन, तेरे होठों से मधु टपकता है; तेरी जीभ के नीचे मधु ओर दूध रहता है; तेरी जीभ के नीचे मधु और दूध रहता है;

तेरे वस्त्रों का सुगन्ध लबानोन का सा है। श्रेष्ठगीत 4:11

  •  उसकी वाणी अति मधुर है, हां वह परम सुन्दर है। हे यरूशलेम की पुत्रियो, यही मेरा प्रेमी और यही मेरा मित्र है॥  श्रेष्ठगीत 5:16
  •  मुझे नगीने की नाईं अपने हृदय पर लगा रख, और ताबीज की नाईं अपनी बांह पर रख; क्योंकि प्रेम मृत्यु के तुल्य सामर्थी है,
  • और ईर्षा कब्र के समान निर्दयी है। उसकी ज्वाला अग्नि की दमक है वरन परमेश्वर ही की ज्वाला है।  श्रेष्ठगीत 8:6
  •  पानी की बाढ़ से भी प्रेम नहीं बुझ सकता, और न महानदों से डूब सकता है।
  • यदि कोई अपने घर की सारी सम्पत्ति प्रेम की सन्ती दे दे तौभी वह अत्यन्त तुच्छ ठहरेगी॥  श्रेष्ठगीत 8:7

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

13. You are Precious (आप अनमोल हैं) 

  •  क्या तुम नहीं जानते, कि जो कोई वेश्या से संगति करता है, वह उसके साथ एक तन हो जाता है?
  • क्योंकि वह कहता है, कि वे दोनों एक तन होंगे।  1 कुरिन्थियों 6:16
  •  क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्रात्मा का मन्दिर है;
  • जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो?  1 कुरिन्थियों 6:19
  •  क्योंकि दाम देकर मोल लिये गए हो, इसलिये अपनी देह के द्वारा परमेश्वर की महिमा करो॥  1 कुरिन्थियों 6:20
  • मेरी दृष्टि में तू अनमोल और प्रतिष्ठित ठहरा है और मैं तुझ से प्रेम रखता हूं,
  • इस कारण मैं तेरी सन्ती मनुष्यों को और तेरे प्राण के बदले में राज्य राज्य के लोगों को दे दूंगा।  यशायाह 43:4

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

14. You are Important (आप विशिष्ट हैं)

  •  पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की ) निज प्रजा हो,
  • इसलिये कि जिस ने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो।  1 पतरस 2:9
  •  तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर ही प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है॥  1 पतरस 2:10

15. You are A New Creation (आप नई सृष्टि हैं)

  •  सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं।  2 कुरिन्थियों 5:17
  •  और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिस ने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया,
  • और मेल-मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है। 2 कुरिन्थियों 5:18
  •  क्योंकि देखो, मैं नया आकाश और नई पृथ्वी उत्पन्न करने पर हूं, और पहिली बातें स्मरण न रहेंगी और सोच विचार में भी न आएंगी।  यशायाह 65:17
  •  इसलिये जो मैं उत्पन्न करने पर हूं, उसके कारण तुम हषिर्त हो और सदा सर्वदा मगन रहो;
  • क्योंकि देखो, मैं यरूशलेम को मगन और उसकी प्रजा को आनन्दित बनाऊंगा।  यशायाह 65:18
  •  मैं आप यरूशलेम के कारण मगन, और अपनी प्रजा के हेतु हषिर्त हूंगा; उस में फिर रोने वा चिल्लाने का शब्द न सुनाई पड़ेगा।  यशायाह 65:19

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

16. You are Strong (आप बलवान हैं)

  •  जो सब से ऊंचे सनातन स्वर्ग में सवार होकर चलता है; देखो वह अपनी वाणी सुनाता है, वह गम्भीर वाणी शक्तिशाली है।  भजन संहिता 68:33
  •  परमेश्वर की सामर्थ्य की स्तुति करो, उसका प्रताप इस्राएल पर छाया हुआ है, और उसकी सामर्थ्य आकाशमण्डल में है। भजन संहिता 68:34
  •  हे परमेश्वर, तू अपने पवित्र स्थानों में भय योग्य है, इस्राएल का ईश्वर ही अपनी प्रजा को सामर्थ्य और शक्ति का देने वाला है। परमेश्वर धन्य है॥  भजन संहिता 68:35

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

17. You are Forgiven (आप क्षमा प्राप्त किये गए हैं)

  •  उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उसने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है।  भजन संहिता 103:12
  •  जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।  भजन संहिता 103:13
  •  क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढ़ाँपा गया हो। भजन संहिता 32:1
  •  क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो॥  भजन संहिता 32:2
  • जब मैं ने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया,
  • और कहा, मैं यहोवा के साम्हने अपने अपराधों को मान लूंगा; तब तू ने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया॥  भजन संहिता 32:5

हर एक भक्त तुझ से ऐसे समय में प्रार्थना करे जब कि तू मिल सकता है।

  •   निश्चय जब जल की बड़ी बाढ़ आए तौभी उस भक्त के पास न पहुंचेगी।  भजन संहिता 32:6
  • तू मेरे छिपने का स्थान है; तू संकट से मेरी रक्षा करेगा; और तू मुझे चारों ओर से छुटकारे के गीतों से घेर लेगा॥  भजन संहिता 32:7
  • मैं तुझे बुद्धि दूंगा, और जिस मार्ग में तुझे चलना होगा उस में तेरी अगुवाई करूंगा;
  • मैं तुझ पर कृपा दृष्टि रखूंगा और सम्मत्ति दिया करूंगा।  भजन संहिता 32:8

तू ने अपनी प्रजा के अधर्म को क्षमा किया है; और उसके सब पापों को ढांप दिया है। भजन संहिता 85:2

  • निश्चय उसके डरवैयों के उद्धार का समय निकट है, तब हमारे देश में महिमा का निवास होगा॥  भजन संहिता 85:9
  • करूणा और सच्चाई आपस में मिल गई हैं; धर्म और मेल ने आपस में चुम्बन किया है। भजन संहिता 85:10
  • पृथ्वी में से सच्चाई उगती और स्वर्ग से धर्म झुकता है।  भजन संहिता 85:11
  • फिर यहोवा उत्तम पदार्थ देगा, और हमारी भूमि अपनी उपज देगी।  भजन संहिता
  • धर्म उसके आगे आगे चलेगा, और उसके पांवों के चिन्हों को हमारे लिये मार्ग बनाएगा॥ भजन संहिता 85:13

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

18. You are Protected (आप संरक्षण में हैं)

  •  मैं अपनी आंखें पर्वतों की ओर लगाऊंगा। मुझे सहायता कहां से मिलेगी?  भजन संहिता 121:1
  •  मुझे सहायता यहोवा की ओर से मिलती है, जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है॥  भजन संहिता 121:2
  •  वह तेरे पांव को टलने न देगा, तेरा रक्षक कभी न ऊंघेगा।  भजन संहिता 121:3

 सुन, इस्राएल का रक्षक, न ऊंघेगा और न सोएगा॥  भजन संहिता 121:4

  •  यहोवा तेरा रक्षक है; यहोवा तेरी दाहिनी ओर तेरी आड़ है। भजन संहिता 121:5
  •  न तो दिन को धूप से, और न रात को चांदनी से तेरी कुछ हानि होगी॥  भजन संहिता 121:6
  •  यहोवा सारी विपत्ति से तेरी रक्षा करेगा; वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा।  भजन संहिता 121:7
  • जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा। भजन संहिता 91:1
  •  मैं यहोवा के विषय कहूंगा, कि वह मेरा शरणस्थान और गढ़ है; वह मेरा परमेश्वर है, मैं उस पर भरोसा रखूंगा। भजन संहिता 91:2
  • वह तुझे अपने पंखों की आड़ में ले लेगा, और तू उसके पैरों के नीचे शरण पाएगा; उसकी सच्चाई तेरे लिये ढाल और झिलम ठहरेगी।  भजन संहिता 91:4

 तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है,  भजन संहिता 91:5

  •  न उस मरी से जो अन्धेरे में फैलती है, और न उस महारोग से जो दिन दुपहरी में उजाड़ता है॥  भजन संहिता 91:6
  •  तेरे निकट हजार, और तेरी दाहिनी ओर दस हजार गिरेंगे; परन्तु वह तेरे पास न आएगा।  भजन संहिता 91:7
  •  परन्तु तू अपनी आंखों की दृष्टि करेगा और दुष्टों के अन्त को देखेगा॥  भजन संहिता 91:8
  •  हे यहोवा, तू मेरा शरण स्थान ठहरा है। तू ने जो परमप्रधान को अपना धाम मान लिया है,  भजन संहिता 91:9
  •  इसलिये कोई विपत्ति तुझ पर न पड़ेगी, न कोई दु:ख तेरे डेरे के निकट आएगा॥ भजन संहिता 91:10

 परमेश्वर अपने दूतों को तेरे निमित्त आज्ञा देगा, कि जहां कहीं तू जाए वे तेरी रक्षा करें।  भजन संहिता 91:11

  •  वे तुझ को हाथों हाथ उठा लेंगे, ऐसा न हो कि तेरे पांवों में पत्थर से ठेस लगे।  भजन संहिता 91:12
  •  तू सिंह और नाग को कुचलेगा, तू जवान सिंह और अजगर को लताड़ेगा।  भजन संहिता 91:13
  •  उसने जो मुझ से स्नेह किया है, इसलिये मैं उसको छुड़ाऊंगा; मैं उसको ऊंचे स्थान पर रखूंगा, क्योंकि उसने मेरे नाम को जान लिया है। भजन संहिता 91:14
  •  जब वह मुझ को पुकारे, तब मैं उसकी सुनूंगा; संकट में मैं उसके संग रहूंगा, मैं उसको बचा कर उसकी महिमा बढ़ाऊंगा।  भजन संहिता 91:15
  •  मैं उसको दीर्घायु से तृप्त करूंगा, और अपने किए हुए उद्धार का दर्शन दिखाऊंगा॥  भजन संहिता 91:16

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

19. You are Empowered (आप सशक्त किये गए हैं)

  •  प्रभु में सदा आनन्दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्दित रहो।  फिलिप्पियों 4:4
  •  तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है।  फिलिप्पियों 4:5
  •  किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।  फिलिप्पियों 4:6
  •  तब परमेश्वर की शान्ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी॥  फिलिप्पियों 4:7
  •  निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं,
  • और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं,
  • निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्हीं पर ध्यान लगाया करो।  फिलिप्पियों 4:8
  •  जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्हीं का पालन किया करो,

तब परमेश्वर जो शान्ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा॥  फिलिप्पियों 4:9

  •  मैं प्रभु में बहुत आनन्दित हूं कि अब इतने दिनों के बाद तुम्हारा विचार मेरे विषय में फिर जागृत हुआ है;
  • निश्चय तुम्हें आरम्भ में भी इस का विचार था, पर तुम्हें अवसर न मिला। फिलिप्पियों 4:10
  •  यह नहीं कि मैं अपनी घटी के कारण यह कहता हूं; क्योंकि मैं ने यह सीखा है कि जिस दशा में हूं, उसी में सन्तोष करूं।  फिलिप्पियों 4:11
  •  मैं दीन होना भी जानता हूं और बढ़ना भी जानता हूं: हर एक बात और सब दशाओं में तृप्त होना, भूखा रहना, और बढ़ना-घटना सीखा है।  फिलिप्पियों 4:12

 जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं। फिलिप्पियों 4:13

  •  क्योंकि मैं ने कहा है, तेरी करूणा सदा बनी रहेगी, तू स्वर्ग में अपनी सच्चाई को स्थिर रखेगा।  भजन संहिता 89:2
  •  मैं ने अपने चुने हुए से वाचा बान्धी है, मैं ने अपने दास दाऊद से शपथ खाई है,  भजन संहिता 89:3
  •  कि मैं तेरे वंश को सदा स्थिर रखूंगा; और तेरी राजगद्दी को पीढ़ी पीढ़ी तक बनाए रखूंगा। भजन संहिता 89:4
  •  हे यहोवा, स्वर्ग में तेरे अद्भुत काम की, और पवित्रों की सभा में तेरी सच्चाई की प्रशंसा होगी।  भजन संहिता 89:5
  •  ईश्वर पवित्रों की गोष्ठी में अत्यन्त प्रतिष्ठा के योग्य, और अपने चारों ओर सब रहने वालों से अधिक भय योग्य है।  भजन संहिता 89:7
  •  हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, हे याह, तेरे तुल्य कौन सामर्थी है? तेरी सच्चाई तो तेरे चारों ओर है!  भजन संहिता 89:8
  •  समुद्र के गर्व को तू ही तोड़ता है; जब उसके तरंग उठते हैं, तब तू उन को शान्त कर देता है। भजन संहिता 89:99

 तेरी भुजा बलवन्त है; तेरा हाथ शक्तिमान और तेरा दहिना हाथ प्रबल है।  भजन संहिता 89:13

  •  तेरे सिंहासन का मूल, धर्म और न्याय है; करूणा और सच्चाई तेरे आगे आगे चलती है। भजन संहिता 89:14
  •  क्या ही धन्य है वह समाज जो आनन्द के ललकार को पहिचानता है; हे यहोवा, वे लोग तेरे मुख के प्रकाश में चलते हैं,  भजन संहिता 89:15
  •  क्योंकि तू उनके बल की शोभा है, और अपनी प्रसन्नता से हमारे सींग को ऊंचा करेगा। भजन संहिता 89:17
  •  मैं ने अपने दास दाऊद को लेकर, अपने पवित्र तेल से उसका अभिषेक किया है। भजन संहिता 89:20

 मेरा हाथ उसके साथ बना रहेगा, और मेरी भुजा उसे दृढ़ रखेगी। भजन संहिता 89:21

  •  शत्रु उसको तंग करने न पाएगा, और न कुटिल जन उसको दु:ख देने पाएगा। भजन संहिता 89:22
  •  परन्तु मेरी सच्चाई और करूणा उस पर बनी रहेंगी, और मेरे नाम के द्वारा उसका सींग ऊंचा हो जाएगा। भजन संहिता 89:24
  •  वह मुझे पुकार के कहेगा, कि तू मेरा पिता है, मेरा ईश्वर और मेरे बचने की चट्टान है। भजन संहिता 89:26
  •  मैं अपनी करूणा उस पर सदा बनाए रहूंगा, और मेरी वाचा उसके लिये अटल रहेगी। भजन संहिता 89:28
  •  मैं उसके वंश को सदा बनाए रखूंगा, और उसकी राजगद्दी स्वर्ग के समान सर्वदा बनी रहेगी।  भजन संहिता 89:29
  •  यदि उसके वंश के लोग मेरी व्यवस्था को छोड़ें और मेरे नियमों के अनुसार न चलें,  भजन संहिता 89:30

 यदि वे मेरी विधियों का उल्लंघन करें, और मेरी आज्ञाओं को न मानें,  भजन संहिता 89:31

  •  तो मैं उनके अपराध का दण्ड सोंटें से, और उनके अधर्म का दण्ड कोड़ों से दूंगा। भजन संहिता 89:32
  •  परन्तु मैं अपनी करूणा उस पर से न हटाऊंगा, और न सच्चाई त्याग कर झूठा ठहरूंगा।  भजन संहिता 89:33
  •  मैं अपनी वाचा न तोडूंगा, और जो मेरे मुंह से निकल चुका है, उसे न बदलूंगा।  भजन संहिता 89:34
  •  एक बार मैं अपनी पवित्राता की शपथ खा चुका हूं; मैं दाऊद को कभी धोखा न दूंगा। भजन संहिता 89:35
  •  उसका वंश सर्वदा रहेगा, और उसकी राजगद्दी सूर्य की नाईं मेरे सम्मुख ठहरी रहेगी। भजन संहिता 89:36
  •  हे प्रभु, तू पीढ़ी से पीढ़ी तक हमारे लिये धाम बना है। भजन संहिता 90:1
  •  इस से पहिले कि पहाड़ उत्पन्न हुए, वा तू ने पृथ्वी और जगत की रचना की, वरन अनादिकाल से अनन्तकाल तक तू ही ईश्वर है॥  भजन संहिता 90:2
  •  और हमारे परमेश्वर यहोवा की मनोहरता हम पर प्रगट हो, तू हमारे हाथों का काम हमारे लिये दृढ़ कर, हमारे हाथों के काम को दृढ़ कर॥  भजन संहिता 90:17

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

20. You are Chosen (आप चुने गए हैं)

  •  तुम ने मुझे नहीं चुना परन्तु मैं ने तुम्हें चुना है और तुम्हें ठहराया ताकि तुम जाकर फल लाओ;
  • और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो, वह तुम्हें दे। यूहन्ना 15:16
  •  इन बातें की आज्ञा मैं तुम्हें इसलिये देता हूं, कि तुम एक दूसरे से प्रेम रखो। यूहन्ना 15:17
  •  उस ने गलील की झील के किनारे फिरते हुए दो भाइयों अर्थात शमौन को जो पतरस कहलाता है,
  • और उसके भाई अन्द्रियास को झील में जाल डालते देखा; क्योंकि वे मछवे थे।  मत्ती 4:18

 उन से कहा, मेरे पीछे चले आओ, तो मैं तुम को मनुष्यों के पकड़ने वाले बनाऊंगा।  मत्ती 4:19

  • फिर उस ने अपने बारह चेलों को पास बुलाकर, उन्हें अशुद्ध आत्माओं पर अधिकार दिया, कि उन्हें निकालें,
  • और सब प्रकार की बीमारियों और सब प्रकार की दुर्बलताओं को दूर करें॥  मत्ती 10:1
  •  और बारह प्रेरितों के नाम ये हैं: पहिला शमौन, जो पतरस कहलाता है, और उसका भाई अन्द्रियास; जब्दी का पुत्र याकूब, और उसका भाई यूहन्ना;  मत्ती 10:2
  •  फिलिप्पुस और बर-तुल्मै थोमा और महसूल लेनेवाला मत्ती, हलफै का पुत्र याकूब और तद्दै।  मत्ती 10:3
  •  शमौन कनानी, और यहूदा इस्करियोती, जिस ने उसे पकड़वा भी दिया॥  मत्ती 10:4
  •  इन बारहों को यीशु ने यह आज्ञा देकर भेजा कि अन्यजातियों की ओर न जाना, और सामरियों के किसी नगर में प्रवेश न करना।  मत्ती 10:5

 जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

21. You are Family (आप एक परिवार हो)

  •  क्योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है।  इफिसियों 2:18
  •  इसलिये तुम अब विदेशी और मुसाफिर नहीं रहे, परन्तु पवित्र लोगों के संगी स्वदेशी और परमेश्वर के घराने के हो गए। इफिसियों 2:19

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

22. You are Mine (आप मेरे हो)

  •  हे इस्राएल तेरा रचने वाला और हे याकूब तेरा सृजनहार यहोवा अब यों कहता है, मत डर, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है;
  • मैं ने तुझे नाम ले कर बुलाया है, तू मेरा ही है।  यशायाह 43:1
  •  जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी;
  • जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी। यशायाह 43:2
  •  क्योंकि मैं यहोवा तेरा परमेश्वर हूं, इस्राएल का पवित्र मैं तेरा उद्धारकर्ता हूं।
  • तेरी छुड़ौती में मैं मिस्र को और तेरी सन्ती कूश और सबा को देता हूं।  यशायाह 43:3
  •  मेरी दृष्टि में तू अनमोल और प्रतिष्ठित ठहरा है और मैं तुझ से प्रेम रखता हूं,
  • इस कारण मैं तेरी सन्ती मनुष्यों को और तेरे प्राण के बदले में राज्य राज्य के लोगों को दे दूंगा।  यशायाह 43:4

 मत डर, क्योंकि मैं तेरे साथ हूं; मैं तेरे वंश को पूर्व से ले आऊंगा, और पच्छिम से भी इकट्ठा करूंगा। यशायाह 43:5

  •  यहोवा की वाणी है कि तुम मेरे साक्षी हो और मेरे दास हो,
  • जिन्हें मैं ने इसलिये चुना है कि समझ कर मेरी प्रतीति करो और यह जान लो कि मैं वही हूं।
  • मुझ से पहिले कोई ईश्वर न हुआ और न मेरे बाद कोई होगा। यशायाह 43:10
  •  मैं ही यहोवा हूं और मुझे छोड़ कोई उद्धारकर्ता नहीं।  यशायाह 43:11
  •  मैं ही ईश्वर हूं और भविष्य में भी मैं ही हूं; मेरे हाथ से कोई छुड़ा न सकेगा; जब मैं काम करना चाहूं तब कौन मुझे रोक सकेगा॥  यशायाह 43:13
  •  तुम्हारा छुड़ाने वाला और इस्राएल का पवित्र यहोवा यों कहता है, तुम्हारे निमित्त मैं ने बाबुल को भेजा है,
  •  उसके सब रहने वालों को भगोड़ों की दशा में और कसदियों को भी उन्हीं के जहाजों पर चढ़ाकर ले आऊंगा जिन के विषय वे बड़ा बोल बोलते हैं।  यशायाह 43:14

 मैं यहोवा तुम्हारा पवित्र, इस्राएल का सृजनहार, तुम्हारा राजा हूं।  यशायाह 43:15

  •  अब बीती हुई घटनाओं का स्मरण मत करो, न प्राचीनकाल की बातों पर मन लगाओ।  यशायाह 43:18
  •  देखो, मैं एक नई बात करता हूं; वह अभी प्रगट होगी, क्या तुम उस से अनजान रहोगे?
  • मैं जंगल में एक मार्ग बनाऊंगा और निर्जल देश में नदियां बहाऊंगा।  यशायाह 43:19
  •  गीदड़ और शुतर्मुर्ग आदि जंगली जन्तु मेरी महिमा करेंगे;
  • क्योंकि मैं अपनी चुनी हुई प्रजा के पीने के लिये जंगल में जल और निर्जल देश में नदियां बहाऊंगा।  यशायाह 43:20
  •  मैं वही हूं जो अपने नाम के निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूं और तेरे पापों को स्मरण न करूंगा।  यशायाह 43:25

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

23. You are the Servant Of God (आप परमेश्वर के सेवक हो )

  •  और मुझ से कहा, तू मेरा दास इस्राएल है, मैं तुझ में अपनी महिमा प्रगट करूंगा।  यशायाह 49:3
  •  हे याकूब के घराने, हे इस्राएल के घराने के सब बचे हुए लोगो, मेरी ओर कान लगाकर सुनो;
  • तुम को मैं तुम्हारी उत्पत्ति ही से उठाए रहा और जन्म ही से लिए फिरता आया हूं। यशायाह 46:3
  •  तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूंगा और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूंगा।
  • मैं ने तुम्हें बनाया और तुम्हें लिए फिरता रहूंगा;  यशायाह 46:4
  •  मैं तुम्हें उठाए रहूंगा और छुड़ाता भी रहूंगा॥ तुम किस से मेरी उपमा दोगे और मुझे किस के समान बताओगे,

किस से मेरा मिलान करोगे कि हम एक समान ठहरें?  यशायाह 46:5

  •  प्राचीनकाल की बातें स्मरण करो जो आरम्भ ही से है;
  • क्योंकि ईश्वर मैं ही हूं, दूसरा कोई नहीं; और मैं ही परमेश्वर हूं और मेरे तुल्य कोई भी नहीं है।  यशायाह 46:9
  •  मैं तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई।
  • मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा। यशायाह 46:10
  •  मैं अपनी धामिर्कता को समीप ले आने पर हूं वह दूर नहीं है, और मेरे उद्धार करने में विलम्ब न होगा;
  • और मैं सिय्योन का उद्धार करूंगा और इस्राएल को महिमा दूंगा॥ यशायाह 46:13

 परन्तु अब हे मेरे दास याकूब, हे मेरे चुने हुए इस्राएल, सुन ले!  यशायाह 44:1

  •  तेरा कर्त्ता यहोवा, जो तुझे गर्भ ही से बनाता आया और तेरी सहायता करेगा,
  • यों कहता है, हे मेरे दास याकूब, हे मेरे चुने हुए यशूरून, मत डर!  यशायाह 44:2
  •  क्योंकि मैं प्यासी भूमि पर जल और सूखी भूमि पर धाराएं बहाऊंगा;
  • मैं तेरे वंश पर अपनी आत्मा और तेरी सन्तान पर अपनी आशीष उण्डेलूंगा।  यशायाह 44:3
  •  कोई कहेगा, मैं यहोवा का हूं, कोई अपना नाम याकूब रखेगा, कोई अपने हाथ पर लिखेगा,

मैं यहोवा का हूं, और अपना कुलनाम इस्राएली बताएगा॥ यशायाह 44:5

  •  यहोवा, जो इस्राएल का राजा है, अर्थात सेनाओं का यहोवा जो उसका छुड़ाने वाला है,
  • वह यों कहता है, मैं सब से पहिला हूं, और मैं ही अन्त तक रहूंगा; मुझे छोड़ कोई परमेश्वर है ही नहीं।  यशायाह 44:6
  • यहोवा, तेरा उद्धारकर्त्ता, जो तुझे गर्भ ही से बनाता आया है,
  • यों कहता है, मैं यहोवा ही सब का बनाने वाला हूं, जिसने अकेले ही आकाश को ताना और पृथ्वी को अपनी ही शक्ति से फैलाया है। यशायाह 44:24
  •  क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे?
  • हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता।  यशायाह 49:15
  • देख, मैं ने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के साम्हने बनी रहती है।  यशायाह 49:16

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

24. We are the sons of God. (हम परमेश्वर की सन्तान हैं।) 

  •  सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं। रोमियो 8:1
  •  क्योंकि जीवन की आत्मा की व्यवस्था ने मसीह यीशु में मुझे पाप की, और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र कर दिया।  रोमियो 8:2
  •  क्योंकि जो काम व्यवस्था शरीर के कारण दुर्बल होकर न कर सकी, उस को परमेश्वर ने किया,
  • अर्थात अपने ही पुत्र को पापमय शरीर की समानता में, और पाप के बलिदान होने के लिये भेजकर, शरीर में पाप पर दण्ड की आज्ञा दी। रोमियो 8:3
  •  इसलिये कि व्यवस्था की विधि हम में जो शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं, पूरी की जाए।  रोमियो 8:4

 क्योंकि शरीरिक व्यक्ति शरीर की बातों पर मन लगाते हैं; परन्तु आध्यात्मिक आत्मा की बातों पर मन लगाते हैं।  रोमियो 8:5

  •  शरीर पर मन लगाना तो मृत्यु है, परन्तु आत्मा पर मन लगाना जीवन और शान्ति है। रोमियो 8:6
  • क्योंकि शरीर पर मन लगाना तो परमेश्वर से बैर रखना है, क्योंकि न तो परमेश्वर की व्यवस्था के आधीन है, और न हो सकता है। रोमियो 8:7
  •  और जो शारीरिक दशा में है, वे परमेश्वर को प्रसन्न नहीं कर सकते। रोमियो 8:8
  •  परन्तु जब कि परमेश्वर का आत्मा तुम में बसता है, तो तुम शारीरिक दशा में नहीं, परन्तु आत्मिक दशा में हो।
  • यदि किसी में मसीह का आत्मा नहीं तो वह उसका जन नहीं। रोमियो 8:9
  •  और यदि मसीह तुम में है, तो देह पाप के कारण मरी हुई है; परन्तु आत्मा धर्म के कारण जीवित है।  रोमियो 8:10
  •  क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है,
  • जिस से हम हे अब्बा, हे पिता कह कर पुकारते हैं।  रोमियो 8:15

 आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं।  रोमियो 8:16

  •  और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं,
  • जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएं॥  रोमियो 8:17
  •  क्योंकि मैं समझता हूं, कि इस समय के दु:ख और क्लेश उस महिमा के साम्हने, जो हम पर प्रगट होने वाली है, कुछ भी नहीं हैं। रोमियो 8:18
  •  क्योंकि सृष्टि बड़ी आशाभरी दृष्टि से परमेश्वर के पुत्रों के प्रगट होने की बाट जोह रही है।  रोमियो 8:19
  •  और केवल वही नहीं पर हम भी जिन के पास आत्मा का पहिला फल है, आप ही अपने में कराहते हैं;
  • और लेपालक होने की, अर्थात अपनी देह के छुटकारे की बाट जोहते हैं।  रोमियो 8:23

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

25. MESSENGER OF GOD ( प्रभु के संदेश वाहक)

  •  तब यिशै के ठूंठ में से एक डाली फूट निकलेगी और उसकी जड़ में से एक शाखा निकल कर फलवन्त होगी।  यशायाह 11:1
  •  और यहोवा की आत्मा, बुद्धि और समझ की आत्मा, युक्ति और पराक्रम की आत्मा,
  •  ज्ञान और यहोवा के भय की आत्मा उस पर ठहरी रहेगी। यशायाह 11:2
  •  ओर उसको यहोवा का भय सुगन्ध सा भाएगा॥
  • वह मुंह देखा न्याय न करेगा और न अपने कानों के सुनने के अनुसार निर्णय करेगा;  यशायाह 11:3
  •  परन्तु वह कंगालों का न्याय धर्म से, और पृथ्वी के नम्र लोगों का निर्णय खराई से करेगा;
  • और वह पृथ्वी को अपने वचन के सोंटे से मारेगा, और अपने फूंक के झोंके से दुष्ट को मिटा डालेगा।  यशायाह 11:4
  • गाय और रीछनी मिलकर चरेंगी, और उनके बच्चे इकट्ठे बैठेंगे; और सिंह बैल की नाईं भूसा खाया करेगा।  यशायाह 11:7

 मेरे सारे पवित्र पर्वत पर न तो कोई दु:ख देगा और न हानि करेगा;

  • क्योंकि पृथ्वी यहोवा के ज्ञान से ऐसी भर जाएगी जैसा जल समुद्र में भरा रहता है॥  यशायाह 11:9
  • इसलिये तुम जाकर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ,
  • और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो।  मत्ती 28:19
  •  और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ:
  •  देखो, मैं जगत के अन्त तक सदैव तुम्हारे संग हूं॥  मत्ती 28:20

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

26. Called them all by their Names (सब को नाम ले ले कर बुलाता है)

  •  क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? और क्या तुम को आरम्भ ही से नहीं बताया गया?
  • क्या तुम ने पृथ्वी की नेव पड़ने के समय ही से विचार नहीं किया?  यशायाह 40:21
  •  यह वह है जो पृथ्वी के घेरे के ऊपर आकाशमण्डल पर विराजमान है; और पृथ्वी के रहने वाले टिड्डी के तुल्य है;
  • जो आकाश को मलमल की नाईं फैलाता और ऐसा तान देता है जैसा रहने के लिये तम्बू ताना जाता है;  यशायाह 40:22
  •  जो बड़े बड़े हाकिमों को तुच्छ कर देता है, और पृथ्वी के अधिकारियों को शून्य के समान कर देता है॥ यशायाह 40:23

 वे रोपे ही जाते, वे बोए ही जाते, उनके ठूंठ भूमि में जड़ ही पकड़ पाते,

  • कि वह उन पर पवन बहाता और वे सूख जाते, और आंधी उन्हें भूसे की नाईं उड़ा ले जाती है॥  यशायाह 40:24
  •  सो तुम मुझे किस के समान बताओगे कि मैं उसके तुल्य ठहरूं? उस पवित्र का यही वचन है।  यशायाह 40:25
  •  अपनी आंखें ऊपर उठा कर देखो, किस ने इन को सिरजा?
  • वह इन गणों को गिन गिनकर निकालता, उन सब को नाम ले ले कर बुलाता है?
  • वह ऐसा सामर्थी और अत्यन्त बली है कि उन में के कोई बिना आए नहीं रहता॥  यशायाह 40:26
  •  हे याकूब, तू क्यों कहता है, हे इस्राएल तू क्यों बोलता है, मेरा मार्ग यहोवा से छिपा हुआ है,

मेरा परमेश्वर मेरे न्याय की कुछ चिन्ता नहीं करता? यशायाह 40:27

  •  क्या तुम नहीं जानते?, और क्या तुम ने नहीं सुना?
  • यहोवा जो सनातन परमेश्वर और पृथ्वी भर का सिरजनहार है, वह न थकता, न श्रमित होता है, उसकी बुद्धि अगम है। यशायाह 40:28
  •  वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ देता है।  यशायाह 40:29
  •  तरूण तो थकते और श्रमित हो जाते हैं, और जवान ठोकर खाकर गिरते हैं;  यशायाह 40:30
  •  परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे,
  • वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे॥  यशायाह 40:31

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

27. You are the temple of the Holy Ghost (तुम्हारी देह पवित्रात्मा का मन्दिर है)

  •  क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्रात्मा का मन्दिर है;
  • जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो?  1 कुरिन्थियों 6:19
  •  क्योंकि दाम देकर मोल लिये गए हो, इसलिये अपनी देह के द्वारा परमेश्वर की महिमा करो॥ 1 कुरिन्थियों 6:20
  • क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह मसीह के अंग हैं?
  • सो क्या मैं मसीह के अंग लेकर उन्हें वेश्या के अंग बनाऊं? कदापि नहीं। 1 कुरिन्थियों 6:15
  • क्या तुम नहीं जानते, कि जो कोई वेश्या से संगति करता है, वह उसके साथ एक तन हो जाता है?
  • क्योंकि वह कहता है, कि वे दोनों एक तन होंगे। 1 कुरिन्थियों 6:16
  • और क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्रात्मा का मन्दिर है;
  • जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो? 1 कुरिन्थियों 6:19

28. You are the body of Christ (तुम्हारी देह मसीह के अंग हैं)

  •  क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह मसीह के अंग हैं?
  • सो क्या मैं मसीह के अंग लेकर उन्हें वेश्या के अंग बनाऊं? कदापि नहीं। 1 कुरिन्थियों 6:15
  •  क्या तुम नहीं जानते, कि जो कोई वेश्या से संगति करता है, वह उसके साथ एक तन हो जाता है?
  • क्योंकि वह कहता है, कि वे दोनों एक तन होंगे। 1 कुरिन्थियों 6:16
  •  और जो प्रभु की संगति में रहता है, वह उसके साथ एक आत्मा हो जाता है।  1 कुरिन्थियों 6:17
  •  व्यभिचार से बचे रहो: जितने और पाप मनुष्य करता है, वे देह के बाहर हैं,
  • परन्तु व्यभिचार करने वाला अपनी ही देह के विरूद्ध पाप करता है। 1 कुरिन्थियों 6:18

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

29. The Saints shall Judge This World (हम स्वर्गदूतों का न्याय करेंगे)

  •  क्या तुम नहीं जानते, कि हम स्वर्गदूतों का न्याय करेंगे? तो क्या सांसारिक बातों का निर्णय न करें?  1 कुरिन्थियों 6:3
  •  क्या तुम नहीं जानते, कि अन्यायी लोग परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे?
  • धोखा न खाओ, न वेश्यागामी, न मूर्तिपूजक, न परस्त्रीगामी, न लुच्चे, न पुरूषगामी।  1 कुरिन्थियों 6:9
  • क्या तुम नहीं जानते कि जो पवित्र वस्तुओं की सेवा करते हैं, वे मन्दिर में से खाते हैं; और जो वेदी की सेवा करते हैं; वे वेदी के साथ भागी होते हैं?

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

30. We are God’s coadjutors: You are God’s husbandry; You are God’s building.

 (हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं;तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो।) 

  •  क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो।  1 कुरिन्थियों 3:9
  •  परमेश्वर के उस अनुग्रह के अनुसार, जो मुझे दिया गया, मैं ने बुद्धिमान राजमिस्री की नाईं नेव डाली,
  • और दूसरा उस पर रद्दा रखता है; परन्तु हर एक मनुष्य चौकस रहे, कि वह उस पर कैसा रद्दा रखता है।  1 कुरिन्थियों 3:10
  •  क्योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता।  1 कुरिन्थियों 3:11

 और यदि कोई इस नेव पर सोना या चान्दी या बहुमोल पत्थर या काठ या घास या फूस का रद्दा रखता है।  1 कुरिन्थियों 3:12

  •  तो हर एक का काम प्रगट हो जाएगा; क्योंकि वह दिन उसे बताएगा; इसलिये कि आग के साथ प्रगट होगा:
  • और वह आग हर एक का काम परखेगी कि कैसा है।  1 कुरिन्थियों 3:13
  •  जिस का काम उस पर बना हुआ स्थिर रहेगा, वह मजदूरी पाएगा।  1 कुरिन्थियों 3:14
  •  और यदि किसी का काम जल जाएगा, तो हानि उठाएगा; पर वह आप बच जाएगा परन्तु जलते जलते॥  1 कुरिन्थियों 3:15

 क्या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्वर का मन्दिर हो, और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है?  1 कुरिन्थियों 3:16

  •  यदि कोई परमेश्वर के मन्दिर को नाश करेगा तो परमेश्वर उसे नाश करेगा;
  • क्योंकि परमेश्वर का मन्दिर पवित्र है, और वह तुम हो।  1 कुरिन्थियों 3:17
  •  कोई अपने आप को धोखा न दे: यदि तुम में से कोई इस संसार में अपने आप को ज्ञानी समझे, तो मूर्ख बने; कि ज्ञानी हो जाए।  1 कुरिन्थियों 3:18
  •  क्योंकि इस संसार का ज्ञान परमेश्वर के निकट मूर्खता है,
  • जैसा लिखा है; कि वह ज्ञानियों को उन की चतुराई में फंसा देता है। 1 कुरिन्थियों 3:19
  •  और फिर प्रभु ज्ञानियों की चिन्ताओं को जानता है, कि व्यर्थ हैं।  1 कुरिन्थियों 3:20
  •  इसलिये मनुष्यों पर कोई घमण्ड न करे, क्योंकि सब कुछ तुम्हारा है। 1 कुरिन्थियों 3:21
  •  और तुम मसीह के हो, और मसीह परमेश्वर का है॥  1 कुरिन्थियों 3:23

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

31. You are baptized in Christ Jesus (हम ने मसीह यीशु का बपतिस्मा लिया)

  •  क्या तुम नहीं जानते, कि हम जितनों ने मसीह यीशु का बपतिस्मा लिया तो उस की मृत्यु का बपतिस्मा लिया, रोमियो 6:3
  •  सो उस मृत्यु का बपतिस्मा पाने से हम उसके साथ गाड़े गए, ताकि जैसे मसीह पिता की महिमा के द्वारा मरे हुओं में से जिलाया गया,
  • वैसे ही हम भी नए जीवन की सी चाल चलें।  रोमियो 6:4
  •  क्योंकि यदि हम उस की मृत्यु की समानता में उसके साथ जुट गए हैं, तो निश्चय उसके जी उठने की समानता में भी जुट जाएंगे।  रोमियो 6:5
  •  क्योंकि हम जानते हैं कि हमारा पुराना मनुष्यत्व उसके साथ क्रूस पर चढ़ाया गया,
  • ताकि पाप का शरीर व्यर्थ हो जाए, ताकि हम आगे को पाप के दासत्व में न रहें। रोमियो 6:6
  •  क्योंकि जो मर गया, वह पाप से छूटकर धर्मी ठहरा।  रोमियो 6:7

 सो यदि हम मसीह के साथ मर गए, तो हमारा विश्वास यह है, कि उसके साथ जीएंगे भी।  रोमियो 6:8

  •  क्योंकि यह जानते हैं, कि मसीह मरे हुओं में से जी उठकर फिर मरने का नहीं, उस पर फिर मृत्यु की प्रभुता नहीं होने की। रोमियो 6:9
  •  क्योंकि वह जो मर गया तो पाप के लिये एक ही बार मर गया; परन्तु जो जीवित है, तो परमेश्वर के लिये जीवित है।  रोमियो 6:10
  •  ऐसे ही तुम भी अपने आप को पाप के लिये तो मरा, परन्तु परमेश्वर के लिये मसीह यीशु में जीवित समझो।  रोमियो 6:11
  •  इसलिये पाप तुम्हारे मरनहार शरीर में राज्य न करे, कि तुम उस की लालसाओं के आधीन रहो।  रोमियो 6:12
  •  और न अपने अंगो को अधर्म के हथियार होने के लिये पाप को सौंपो, पर अपने आप को मरे हुओं में से जी उठा हुआ जानकर परमेश्वर को सौंपो,
  • और अपने अंगो को धर्म के हथियार होने के लिये परमेश्वर को सौंपो।  रोमियो 6:13

  तुम पर पाप की प्रभुता न होगी, क्योंकि तुम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हो॥  रोमियो 6:14

  •  तो क्या हुआ क्या हम इसलिये पाप करें, कि हम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हैं? कदापि नहीं। रोमियो 6:15
  •  क्या तुम नहीं जानते, कि जिस की आज्ञा मानने के लिये तुम अपने आप को दासों की नाईं सौंप देते हो, उसी के दास हो:
  • और जिस की मानते हो, चाहे पाप के, जिस का अन्त मृत्यु है, चाहे आज्ञा मानने के, जिस का अन्त धामिर्कता है । रोमियो 6:16
  •  परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, कि तुम जो पाप के दास थे तौभी मन से उस उपदेश के मानने वाले हो गए, जिस के सांचे में ढाले गए थे।  रोमियो 6:17
  •  और पाप से छुड़ाए जाकर धर्म के दास हो गए।  रोमियो 6:18

 मैं तुम्हारी शारीरिक दुर्बलता के कारण मनुष्यों की रीति पर कहता हूं,

  • जैसे तुम ने अपने अंगो को कुकर्म के लिये अशुद्धता और कुकर्म के दास करके सौंपा था,
  • वैसे ही अब अपने अंगों को पवित्रता के लिये धर्म के दास करके सौंप दो। रोमियो 6:19
  •  जब तुम पाप के दास थे, तो धर्म की ओर से स्वतंत्र थे। रोमियो 6:20
  •  सो जिन बातों से अब तुम लज्ज़ित होते हो, उन से उस समय तुम क्या फल पाते थे? रोमियो 6:21
  •  क्योंकि उन का अन्त तो मृत्यु है परन्तु अब पाप से स्वतंत्र होकर और परमेश्वर के दास बनकर तुम को फल मिला जिस से पवित्रता प्राप्त होती है,
  • और उसका अन्त अनन्त जीवन है।  रोमियो 6:22
  •  क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है॥ रोमियो 6:23

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

32. You are Player ( आप अच्छे खिलाड़ी हैं

  •  इसलिये मैं तो इसी रीति से दौ ड़ता हूं, परन्तु बेठिकाने नहीं, मैं भी इसी रीति से मुक्कों से लड़ता हूं,
  • परन्तु उस की नाईं नहीं जो हवा पीटता हुआ लड़ता है।  1 कुरिन्थियों 9:26
  •  हां, हमारे लिये ही लिखा गया, क्योंकि उचित है, कि जोतने वाला आशा से जोते, और दावने वाला भागी होने की आशा से दावनी करे।  1 कुरिन्थियों 9:10
  •  सो जब कि हम ने तुम्हारे लिये आत्मिक वस्तुएं बोई, तो क्या यह कोई बड़ी बात है, कि तुम्हारी शारीरिक वस्तुओं की फसल काटें।  1 कुरिन्थियों 9:11
  •  जब औरों का तुम पर यह अधिकार है, तो क्या हमारा इस से अधिक न होगा?
  • परन्तु हम यह अधिकार काम में नहीं लाए;

परन्तु सब कुछ सहते हैं, कि हमारे द्वारा मसीह के सुसमाचार की कुछ रोक न हो।  1 कुरिन्थियों 9:12

  •  क्या तुम नहीं जानते कि जो पवित्र वस्तुओं की सेवा करते हैं, वे मन्दिर में से खाते हैं; और जो वेदी की सेवा करते हैं; वे वेदी के साथ भागी होते हैं?  1 कुरिन्थियों 9:13
  •  इसी रीति से प्रभु ने भी ठहराया, कि जो लोग सुसमाचार सुनाते हैं, उन की जीविका सुसमाचार से हो।  1 कुरिन्थियों 9:14
  •  परन्तु मैं इन में से कोई भी बात काम में न लाया, और मैं ने तो ये बातें इसलिये नहीं लिखीं, कि मेरे लिये ऐसा किया जाए,
  • क्योंकि इस से तो मेरा मरना ही भला है; कि कोई मेरा घमण्ड व्यर्थ ठहराए।  1 कुरिन्थियों 9:15

 और यदि मैं सुसमाचार सुनाऊं, तो मेरा कुछ घमण्ड नहीं; क्योंकि यह तो मेरे लिये अवश्य है;

  • और यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊं, तो मुझ पर हाय। 1 कुरिन्थियों 9:16
  •  क्योंकि यदि अपनी इच्छा से यह करता हूं, तो मजदूरी मुझे मिलती है, और यदि अपनी इच्छा से नहीं करता, तौभी भण्डारीपन मुझे सौंपा गया है।  1 कुरिन्थियों 9:17
  •  सो मेरी कौन सी मजदूरी है? यह कि सुसमाचार सुनाने में मैं मसीह का सुसमाचार सेंत मेंत कर दूं;
  • यहां तक कि सुसमाचार में जो मेरा अधिकार है, उस को मैं पूरी रीति से काम में लाऊं।  1 कुरिन्थियों 9:18
  •  क्योंकि सब से स्वतंत्र होने पर भी मैं ने अपने आप को सब का दास बना दिया है; कि अधिक लोगों को खींच लाऊं। 1 कुरिन्थियों 9:19

 मैं यहूदियों के लिये यहूदी बना कि यहूदियों को खींच लाऊं,

  • जो लोग व्यवस्था के आधीन हैं उन के लिये मैं व्यवस्था के आधीन न होने पर भी व्यवस्था के आधीन बना,
  • कि उन्हें जो व्यवस्था के आधीन हैं, खींच लाऊं। 1 कुरिन्थियों 9:20
  •  व्यवस्थाहीनों के लिये मैं (जो परमेश्वर की व्यवस्था से हीन नहीं, परन्तु मसीह की व्यवस्था के आधीन हूं) व्यवस्थाहीन सा बना,
  • कि व्यवस्थाहीनों को खींच लाऊं। 1 कुरिन्थियों 9:21

 मैं निर्बलों के लिये निर्बल सा बना, कि निर्बलों को खींच लाऊं,

  • मैं सब मनुष्यों के लिये सब कुछ बना हूं, कि किसी न किसी रीति से कई एक का उद्धार कराऊं। 1 कुरिन्थियों 9:22
  •  और मैं सब कुछ सुसमाचार के लिये करता हूं, कि औरों के साथ उसका भागी हो जाऊं। 1 कुरिन्थियों 9:23
  •  क्या तुम नहीं जानते, कि दौड़ में तो दौड़ते सब ही हैं, परन्तु इनाम एक ही ले जाता है तुम वैसे ही दौड़ो, कि जीतो।  1 कुरिन्थियों 9:24
  •  और हर एक पहलवान सब प्रकार का संयम करता है, वे तो एक मुरझाने वाले मुकुट को पाने के लिये यह सब करते हैं,
  • परन्तु हम तो उस मुकुट के लिये करते हैं, जो मुरझाने का नहीं।  1 कुरिन्थियों 9:25
  •  इसलिये मैं तो इसी रीति से दौड़ता हूं, परन्तु बेठिकाने नहीं, मैं भी इसी रीति से मुक्कों से लड़ता हूं,
  • परन्तु उस की नाईं नहीं जो हवा पीटता हुआ लड़ता है।  1 कुरिन्थियों 9:26

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

33. YOU ARE SPIRITUAL PERSON (आप धार्मिक हैं)

  • You are delivered from the law of DEATH & SIN, NOW YOU ARE SPIRITUAL
  • (आप धार्मिक हैं , आप पाप की व्यवस्था  से छुड़ाए गए हैं और अब यीशु मसीह की दया और बलिदान द्वारा धर्मी ठहराए गये हैं)
  •  हे भाइयो, क्या तुम नहीं जानते मैं व्यवस्था के जानने वालों से कहता हूं, कि जब तक मनुष्य जीवित रहता है, तक तक उस पर व्यवस्था की प्रभुता रहती है?  रोमियो 7:1
  • क्योंकि विवाहिता स्त्री व्यवस्था के अनुसार अपने पति के जीते जी उस से बन्धी है,
  • परन्तु यदि पति मर जाए, तो वह पति की व्यवस्था से छूट गई।  रोमियो 7:2
  • सो यदि पति के जीते जी वह किसी दूसरे पुरूष की हो जाए, तो व्यभिचारिणी कहलाएगी, परन्तु यदि पति मर जाए, तो वह उस व्यवस्था से छूट गई,
  • यहां तक कि यदि किसी दूसरे पुरूष की हो जाए, तौभी व्यभिचारिणी न ठहरेगी।  रोमियो 7:3
  •  सो हे मेरे भाइयो, तुम भी मसीह की देह के द्वारा व्यवस्था के लिये मरे हुए बन गए, कि उस दूसरे के हो जाओ,

जो मरे हुओं में से जी उठा: ताकि हम परमेश्वर के लिये फल लाएं।  रोमियो 7:4

  •  क्योंकि जब हम शारीरिक थे, तो पापों की अभिलाषायें जो व्यवस्था के द्वारा थीं,
  • मृत्यु का फल उत्पन्न करने के लिये हमारे अंगों में काम करती थीं।  रोमियो 7:5
  •  परन्तु जिस के बन्धन में हम थे उसके लिये मर कर, अब व्यवस्था से ऐसे छूट गए, कि लेख की पुरानी रीति पर नहीं,
  • वरन आत्मा की नई रीति पर सेवा करते हैं॥  रोमियो 7:6
  • तो हम क्या कहें? क्या व्यवस्था पाप है? कदापि नहीं! वरन बिना व्यवस्था के मैं पाप को नहीं पहिचानता:

व्यवस्था यदि न कहती, कि लालच मत कर तो मैं लालच को न जानता। रोमियो 7:7

  •  परन्तु पाप ने अवसर पाकर आज्ञा के द्वारा मुझ में सब प्रकार का लालच उत्पन्न किया, क्योंकि बिना व्यवस्था पाप मुर्दा है।  रोमियो 7:8
  •  मैं तो व्यवस्था बिना पहिले जीवित था, परन्तु जब आज्ञा आई, तो पाप जी गया, और मैं मर गया। रोमियो 7:9
  •  और वही आज्ञा जो जीवन के लिये थी; मेरे लिये मृत्यु का कारण ठहरी। रोमियो 7:10
  •  क्योंकि पाप ने अवसर पाकर आज्ञा के द्वारा मुझे बहकाया, और उसी के द्वारा मुझे मार भी डाला। रोमियो 7:11
  •  इसलिये व्यवस्था पवित्र है, और आज्ञा भी ठीक और अच्छी है। रोमियो 7:12
  •  तो क्या वह जो अच्छी थी, मेरे लिये मृत्यु ठहरी? कदापि नहीं!
  • परन्तु पाप उस अच्छी वस्तु के द्वारा मेरे लिये मृत्यु का उत्पन्न करने वाला हुआ कि उसका पाप होना प्रगट हो,
  • और आज्ञा के द्वारा पाप बहुत ही पापमय ठहरे। रोमियो 7:13

क्योंकि हम जानते हैं कि व्यवस्था तो आत्मिक है, परन्तु मैं शरीरिक और पाप के हाथ बिका हुआ हूं। रोमियो 7:14

  • और जो मैं करता हूं, उस को नहीं जानता, क्योंकि जो मैं चाहता हूं, वह नहीं किया करता, परन्तु जिस से मुझे घृणा आती है, वही करता हूं। रोमियो 7:15
  • और यदि, जो मैं नहीं चाहता वही करता हूं, तो मैं मान लेता हूं, कि व्यवस्था भली है। रोमियो 7:16
  • तो ऐसी दशा में उसका करने वाला मैं नहीं, वरन पाप है, जो मुझ में बसा हुआ है।  रोमियो 7:17
  • क्योंकि मैं जानता हूं, कि मुझ में अर्थात मेरे शरीर में कोई अच्छी वस्तु वास नहीं करती,

इच्छा तो मुझ में है, परन्तु भले काम मुझ से बन नहीं पड़ते।  रोमियो 7:18

  •  जिस अच्छे काम की मैं इच्छा करता हूं, वह तो नहीं करता, परन्तु जिस बुराई की इच्छा नहीं करता वही किया करता हूं। रोमियो 7:1
  • परन्तु यदि मैं वही करता हूं, जिस की इच्छा नहीं करता, तो उसका करने वाला मैं न रहा, परन्तु पाप जो मुझ में बसा हुआ है। रोमियो 7: 21
  • सो मैं यह व्यवस्था पाता हूं, कि जब भलाई करने की इच्छा करता हूं, तो बुराई मेरे पास आती है।  रोमियो 7:21
  • क्योंकि मैं भीतरी मनुष्यत्व से तो परमेश्वर की व्यवस्था से बहुत प्रसन्न रहता हूं। रोमियो 7:22
  • परन्तु मुझे अपने अंगो में दूसरे प्रकार की व्यवस्था दिखाई पड़ती है, जो मेरी बुद्धि की व्यवस्था से लड़ती है,
  • और मुझे पाप की व्यवस्था के बन्धन में डालती है जो मेरे अंगों में है।  रोमियो 7:23

मैं कैसा अभागा मनुष्य हूं! मुझे इस मृत्यु की देह से कौन छुड़ाएगा?  रोमियो 7:24

  • मैं अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं:
  • निदान मैं आप बुद्धि से तो परमेश्वर की व्यवस्था का, परन्तु शरीर से पाप की व्यवस्था का सेवन करता हूं॥ रोमियो 7:25

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

34. Hath God cast away his people? God forbid (क्या परमेश्वर ने अपनी प्रजा को त्याग दिया? कदापि नहीं;)

  •  इसलिये मैं कहता हूं, क्या परमेश्वर ने अपनी प्रजा को त्याग दिया?
  • कदापि नहीं; मैं भी तो इस्त्राएली हूं: इब्राहीम के वंश और बिन्यामीन के गोत्र में से हूं।  रोमियो 11:1
  •  परमेश्वर ने अपनी उस प्रजा को नहीं त्यागा, जिसे उस ने पहिले ही से जाना:
  • क्या तुम नहीं जानते, कि पवित्र शास्त्र एलियाह की कथा में क्या कहता है;
  • कि वह इस्त्राएल के विरोध में परमेश्वर से बिनती करता है?  रोमियो 11:2
  •  कि हे प्रभु, उन्होंने तेरे भविष्यद्वक्ताओं को घात किया, और तेरी वेदियों को ढ़ा दिया है;

और मैं ही अकेला बच रहा हूं, और वे मेरे प्राण के भी खोजी हैं। रोमियो 11:3

  •  परन्तु परमेश्वर से उसे क्या उत्तर मिला? कि मैं ने अपने लिये सात हजार पुरूषों को रख छोड़ा है।
  • जिन्हों ने बाल के आग घुटने नहीं टेके हैं। रोमियो 11:4
  •  सो इसी रीति से इस समय भी, अनुग्रह से चुने हुए कितने लोग बाकी हैं।  रोमियो 11:5
  •  यदि यह अनुग्रह से हुआ है, तो फिर कर्मों से नहीं, नहीं तो अनुग्रह फिर अनुग्रह नहीं रहा।  रोमियो 11:6
  •  सो परिणाम क्या हुआ यह? कि इस्त्राएली जिस की खोज में हैं, वह उन को नहीं मिला;

परन्तु चुने हुओं को मिला और शेष लोग कठोर किए गए हैं। रोमियो 11:7

  • जैसा लिखा है, कि परमेश्वर ने उन्हें आज के दिन तक भारी नींद में डाल रखा है और ऐसी आंखें दी जो न देखें और ऐसे कान जो न सुनें।  रोमियो 11:8
  •  और दाउद कहता है; उन का भोजन उन के लिये जाल, और फन्दा, और ठोकर, और दण्ड का कारण हो जाए। रोमियो 11:9
  •  उन की आंखों पर अन्धेरा छा जाए ताकि न देखें, और तू सदा उन की पीठ को झुकाए रख। रोमियो 11:10
  • सो मैं कहता हूं क्या उन्होंने इसलिये ठोकर खाई, कि गिर पड़ें? कदापि नहीं:
  • परन्तु उन के गिरने के कारण अन्यजातियों को उद्धार मिला, कि उन्हें जलन हो।  रोमियो 11:11
  • सो यदि उन का गिरना जगत के लिये धन और उन की घटी अन्यजातियों के लिये सम्पत्ति का कारण हुआ,
  • तो उन की भरपूरी से कितना न होगा॥ रोमियो 11:12
  • मैं तुम अन्यजातियों से यह बातें कहता हूं: जब कि मैं अन्याजातियों के लिये प्रेरित हूं, तो मैं अपनी सेवा की बड़ाई करता हूं। रोमियो 11:13

ताकि किसी रीति से मैं अपने कुटुम्बियों से जलन करवा कर उन में से कई एक का उद्धार कराऊं। रोमियो 11:14

  • क्योंकि जब कि उन का त्याग दिया जाना जगत के मिलाप का कारण हुआ,
  • तो क्या उन का ग्रहण किया जाना मरे हुओं में से जी उठने के बराबर न होगा? रोमियो 11:15
  • जब भेंट का पहिला पेड़ा पवित्र ठहरा, तो पूरा गुंधा हुआ आटा भी पवित्र है:
  • और जब जड़ पवित्र ठहरी, तो डालियां भी ऐसी ही हैं।  रोमियो 11:16
  •  यदि कई एक डाली तोड़ दी गई, और तू जंगली जलपाई होकर उन में साटा गया,

और जलपाई की जड़ की चिकनाई का भागी हुआ है। रोमियो 11:17

  • तो डालियों पर घमण्ड न करना:
  • और यदि तू घमण्ड करे, तो जान रख, कि तू जड़ को नहीं, परन्तु जड़ तुझे सम्भालती है।  रोमियो 11:18
  • फिर तू कहेगा डालियां इसलिये तोड़ी गई, कि मैं साटा जाऊं।  रोमियो 11:19
  • भला, वे तो अविश्वास के कारण तोड़ी गई, परन्तु तू विश्वास से बना रहता है इसलिये अभिमानी न हो, परन्तु भय कर।  रोमियो 11:2
  • क्योंकि जब परमेश्वर ने स्वाभाविक डालियां न छोड़ीं, तो तुझे भी न छोड़ेगा। रोमियो 11:21

इसलिये परमेश्वर की कृपा और कड़ाई को देख! जो गिर गए, उन पर कड़ाई, परन्तु तुझ पर कृपा,

  • यदि तू उस में बना रहे, नहीं तो, तू भी काट डाला जाएगा। रोमियो 11:22
  • और वे भी यदि अविश्वास में न रहें, तो साटे जाएंगे क्योंकि परमेश्वर उन्हें फिर साट सकता है।  रोमियो 11:23
  • क्योंकि यदि तू उस जलपाई से, जो स्वभाव से जंगली है काटा गया,
  • और स्वभाव के विरूद्ध अच्छी जलपाई में साटा गया तो ये जो स्वाभाविक डालियां हैं,
  • अपने ही जलपाई में साटे क्यों न जाएंगे।  रोमियो 11:24

हे भाइयों, कहीं ऐसा न हो, कि तुम अपने आप को बुद्धिमान समझ लो;

  • इसलिये मैं नहीं चाहता कि तुम इस भेद से अनजान रहो, कि जब तक अन्यजातियां पूरी रीति से प्रवेश न कर लें,
  • तब तक इस्त्राएल का एक भाग ऐसा ही कठोर रहेगा।  रोमियो 11:25
  • और इस रीति से सारा इस्त्राएल उद्धार पाएगा; जैसा लिखा है, कि छुड़ाने वाला सियोन से आएगा,
  • और अभक्ति को याकूब से दूर करेगा।  रोमियो 11:26

और उन के साथ मेरी यही वाचा होगी, जब कि मैं उन के पापों को दूर कर दूंगा। रोमियो 11:27

  • वे सुसमाचार के भाव से तो तुम्हारे बैरी हैं, परन्तु चुन लिये जाने के भाव से बाप दादों के प्यारे हैं। रोमियो 11:28
  • क्योंकि परमेश्वर अपने वरदानों से, और बुलाहट से कभी पीछे नहीं हटता। रोमियो 11:29
  • क्योंकि जैसे तुम ने पहिले परमेश्वर की आज्ञा न मानी परन्तु अभी उन के आज्ञा न मानने से तुम पर दया हुई। रोमियो 11:3
  • वैसे ही उन्होंने भी अब आज्ञा न मानी कि तुम पर जो दया होती है इस से उन पर भी दया हो। रोमियो 11:31
  • क्योंकि परमेश्वर ने सब को आज्ञा न मानने के कारण बन्द कर रखा ताकि वह सब पर दया करे॥ रोमियो 11:32
  • आहा! परमेश्वर का धन और बुद्धि और ज्ञान क्या ही गंभीर है! उसके विचार कैसे अथाह, और उसके मार्ग कैसे अगम हैं! रोमियो 11:33

 प्रभु कि बुद्धि को किस ने जाना या उसका मंत्री कौन हुआ? रोमियो 11:34

  •  या किस ने पहिले उसे कुछ दिया है जिस का बदला उसे दिया जाए। रोमियो 11:35
  • क्योंकि उस की ओर से, और उसी के द्वारा, और उसी के लिये सब कुछ है:
  • उस की महिमा युगानुयुग होती रहे: आमीन॥  रोमियो 11:36

जानिए “आप कौन हैं”? 35 अद्भुत शास्त्रवचन हैं, जो आपके मूल्य को परिभाषित करते हैं। 

35. We are Heirs indeed of God, and joint Heirs With Christ (परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं,)

  •  आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं। रोमियो 8:16
  • और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं,
  • जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएं॥ रोमियो 8:17
  • क्योंकि मैं समझता हूं, कि इस समय के दु:ख और क्लेश उस महिमा के साम्हने, जो हम पर प्रगट होने वाली है, कुछ भी नहीं हैं। रोमियो 8:18
  • क्योंकि सृष्टि बड़ी आशाभरी दृष्टि से परमेश्वर के पुत्रों के प्रगट होने की बाट जोह रही है।  रोमियो 8:19

 

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Health Care Advisor, Guide, Teacher, and Trainer. Life Counselling Coach. About Us. Optimal Health is something you all can refer to as perfect health an individual can have. Being healthy only physically is not enough, to attain that perfect health you need to be healthy in all the aspects of life, hence; Optimal Health – Happiness, Health, Wealth, Wisdom, and Spirituality.