प्रकृति के तीन सत्य और कड़वे नियम

प्रकृति के तीन सत्य और कड़वे नियम

प्रकृति के तीन सत्य और कड़वे नियम

प्रकृति के तीन सत्य और कड़वे नियम

1. प्रकृति का पहला नियम

यदि खेत में बीज न डालें जाएं तो कुदरत उसे घास-फूस  से भर देती हैं।
ठीक उसी तरह से दिमाग में सकारात्मक  विचार न भरे जाएँ;
तो नकारात्मक  विचार अपनी जगह बना ही लेती है…!!

2. प्रकृति का दूसरा नियम,

जिसके पास जो होता है…!!
वह वही बांटता है!!
सुखी सुख  बांटता है!
दुःखी दुःखबांटता है!
ज्ञानी ज्ञान  बांटता है!
भ्रमित भ्रम  बांटता है!
भयभीत भय  बांटता हैं!!

3.  प्रकृति का तीसरा नियम

आपको जीवन से जो कुछ भी मिलें उसे पचाना सीखो क्योंकि
भोजन  न पचने पर रोग बढते है…!
पैसा न पचने  पर दिखावा बढता है…!
बात न पचने  पर चुगली बढती है…!
प्रशंसा न  पचनेपर अंहकार बढता है….!
निंदा न  पचने  पर दुश्मनी बढती है…!
राज न पचनेपर खतरा बढता है…!
दुःख न  पचने  पर निराशा बढती है…!
और सुख न पचने  पर पाप बढता है…!

आप का दिन मंगलमय हो आपको शुभ कामनाएं।।।

http://optimalhealth.in/knowledge-of-wisdom-to-know-wisdom-wisdom-is-better-than-all-the-most-precious-things/

https://youtu.be/lbhv2_2kyRU

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