google.com, pub-9683471800292205, DIRECT, f08c47fec0942fa0 प्रेरितों का विश्वास | रसूलों का अकीदा - Optimal Health

प्रेरितों का विश्वास | रसूलों का अकीदा

प्रेरितों का विश्वास | रसूलों का अकीदा

मसीही विश्वाश: प्रेरितों का विश्वास | रसूलों का अकीदा

प्रेरितों का विश्वास

  • मैं विश्वास करता हूं सर्वशक्तिमान पिता,
  • स्वर्ग और पृथ्वी के सृजनहार परमेश्वर पर।
  • मैं विश्वास करता हूं उनके एकलौते पुत्र, हमारे प्रभु यीशु मसीह पर,
  • जो कि पवित्र आत्मा की सामर्थ्य के द्वारा कुंवारी मरियम से पैदा से जन्मा,
  • जिसने पेंतुस, पिलातुस के शासनकाल में दुख उठाया,
  • जो क्रूस पर टांगा गया और मारा गया, गाड़ा गया,
  • और तीसरे दिन मृतकों में से उठा,
  • जो स्वर्ग पर चला गया,
  • और सर्वशक्तिमान पिता परमेश्वर के दाहिने हाथ विराजमान है,
  • और वहां से वह जीवित और मृतकों का न्याय करने को आएगा।
  • मैं विश्वास करता हूं, पवित्र आत्मा पर, पवित्र सर्व मंडल कलीसिया पर,
  • संतों की संगति पर,
  • देह के पुनुरुत्थान पर,
  • पापों की क्षमा पर और अनंत काल के जीवन पर;
  • आमीन।

रसूलों का अकीदा

  • मैं इतिकाद रखता हूं खुदा कादिर ए मुतलक़ बाप पर,
  • जिसने आसमान और जमीन को पैदा किया,
  • और उसके इकलौते बेटे हमारे खुदावंद यीशु मसीह पर,
  • कि वह रुह-उल-क़ुद्स से मुजस्सिम होकर कुँआरी मरियम से पैदा हुआ,
  • पेंतुस, पिलातुस की हुकूमत में दुख उठाया,
  • सलीब पर खींचा गया, मर गया और दफन हुआ,
  • तीसरे दिन मुर्दों में से जी उठा,
  • आसमान पर चढ़ गया,
  • और खुदा बाप कादिर-ए-मुतलक़ के दाहिने हाथ बैठा है,
  • जहां से वह जिंदों और मुर्दों का इंसाफ करने को आएगा।
  • मैं एतिकाद रखता हूं रुह-उल-क़ुद्स पर,
  • मुक़द्दसों की रिफाकत,
  • गुनाहों की मुआफ़ी,
  • जिस्म की जी उठने,
  • और हमेशा की जिंदगी पर।
  • आमीन।

ए हमारे बाप की दुआ

  • ए हमारे बाप,
  • तू जो आसमान पर है।
  • तेरा नाम पाक माना जाए,
  • तेरी बादशाहत आये।
  • तेरी मर्जी जैसे आसमान पर पूरी होती है, वैसी ही जमीन पर भी पूरी हो जाए।
  • हमारी रोज की रोटी हमें दे।
  • और जिस तरह हमने अपने कुसूर वारों को माफ किया है, तू भी हमारे कुसूरों को माफ कर ।
  • और हमें आज़माइश में ना ला,
  • बल्कि बुराई से बचा।
  • क्योंकि बादशाहत और कुब्बत और जलाल हमेशा तेरे ही हैं ।
  • आमीन।

प्रार्थना कैसे करें?

  • यीशु ने कहा: जब तू प्रार्थना करे, तो कपटियों के समान न हो क्योंकि लोगों को दिखाने के लिये सभाओं में
  • और सड़कों के मोड़ों पर खड़े होकर प्रार्थना करना उन को अच्छा लगता है; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके। मत्ती 6:5
  • परन्तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा; और द्वार बन्द कर के अपने पिता से जो गुप्त में है प्रार्थना कर;
  • और तब तेरा पिता जो गुप्त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा। मत्ती 6:6
  • प्रार्थना करते समय अन्यजातियों की नाईं बक बक न करो; क्योंकि वे समझते हैं कि उनके बहुत बोलने से उन की सुनी जाएगी। मत्ती 6:7
  •  सो तुम उन की नाईं न बनो, क्योंकि तुम्हारा पिता तुम्हारे मांगने से पहिले ही जानता है, कि तुम्हारी क्या क्या आवश्यक्ता है। मत्ती 6:8

 इस रीति से प्रार्थना किया करो;

  • “हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए। मत्ती 6:9
  •  तेरा राज्य आए; तेरी इच्छा जैसी स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो। मत्ती 6:10
  • हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे। मत्ती 6:11
  • और जिस प्रकार हम ने अपने अपराधियों को क्षमा किया है, वैसे ही तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर।मत्ती 6:12
  • और हमें परीक्षा में न ला, परन्तु बुराई से बचा;
  • क्योंकि राज्य और पराक्रम और महिमा सदा तेरे ही हैं।” आमीन। मत्ती 6:13इसलिये यदि तुम मनुष्य के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा। मत्ती 6:14
    और यदि तुम मनुष्यों के अपराध क्षमा न करोगे, तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा न करेगा॥ मत्ती 6:15

    How Do We PRAY?

  •  Jesus said- when ye pray, you shall not be as the hypocrites, that love to stand and pray in the synagogues and corners of the streets,
  • That they may be seen by men: Amen I say to you, they have received their reward. Matthew 6:5
  • But thou when thou shalt pray, enter into thy chamber, and having shut the door, pray to thy Father in secret:
  • And thy Father who seeth in secret will repay thee. Matthew 6:6
  • And when you are praying, speak not much, as the heathens.
  • For they think that in their much speaking they may be heard. Matthew 6:7
  • Be not you therefore like to them, for your Father knoweth what is needful for you, before you ask him. Matthew 6:8

 Thus therefore shall you pray:

  • Our Father who art in heaven, hallowed be thy name. Matthew 6:9
  • Thy kingdom come. Thy will be done on earth as it is in heaven. Matthew 6:10
  • Give us this day our super substantial bread. Matthew 6:11
  • And forgive us our debts, as we also forgive our debtors. Matthew 6:12
  • And lead us not into temptation. But deliver us from evil. Amen. Matthew 6:13

 

  • For if you will forgive men their offences, your heavenly Father will forgive you also your offences. Matthew 6:14
  •  But if you will not forgive men, neither will your Father forgive you your offences. Matthew 6:15

 प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह और परमेश्वर का प्रेम और पवित्र आत्मा की सहभागिता तुम सब के सी होती रहे॥ 2 कुरिन्थियों 13:14

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बाइबल से ‘विश्वास के पद’