google.com, pub-9683471800292205, DIRECT, f08c47fec0942fa0 सतर्क और जागरूक रहिये-दूसरों के हित की भी परवाह कीजिये। 

सतर्क और जागरूक रहिये-दूसरों के हित की भी परवाह कीजिये। 

सतर्क और जागरूक रहिये-दूसरों के हित की भी परवाह कीजिये।

सतर्क और जागरूक रहिये-दूसरों के हित की भी परवाह कीजिये। सच्चे देशवासी बनिये-सतर्क और जागरूक रहिये-दूसरों के हित की भी परवाह कीजिये। भारत देश की आज के समय की हमारी सबसे मुख्य समस्याएँ और निदान  हम सभी अपने स्वास्थय के प्रति सचेत हो गये हैं, हम अब अपने स्वास्थय की ज़िम्मेदारी खुद उठाने की शुरुआत कर दी है, इन विपत्तियों को भी बहुत बहुत धन्यवाद।

स्वास्थय के अलावा हमारी खुद की सुरक्षा के साथ साथ हमारे देश के हित का भी हमें ध्यान रखना होगा।

स्वास्थय जागरूकता अभियान का हिस्सा बनें, खुद भी सतर्क रहें, औरों को भी शिक्षित करें। देश हित में हमारे द्वारा मुख्य रूप से जो काम होने चाहिये:-उनमें बच्चों के बचपनों में बाल मजदूरी से दूर करना ही होगा, आज का नन्हा बालक कल का नेता, अभिनेता, डॉक्टर, इंजीनियर और बहुत कुछ है, तो हम बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, बालिकायों की सुरक्षा संरक्षण, पढ़ाई लिखाई और रोजगार या कारोबार से शुरू करते हुये अपने देश के निर्माण में सहयोगी बन जाएँ, तो कोरोना की तरह घातक अनेक अनजानी परेशानियों से अपने बच्चों को, बालिकायों को, महिलाओं को बचा सकते हैं, और उन्हें भी उनके अरमानों के जीवन को जीने के लिये स्वतंत्र करवा सकते हैं।

चलिये अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुये जीते जी कुछ ऐसा करें, कि लोग हमारे मरने के बाद भी हमारी कामयाबी की मिशाल दे सकें।

किसी ने कितना सही कहा है, आप भी इस पर अपने विचार रख सकते हैं कि “मजबूरी और पेट की भूख, घर की जरूरतें कितनी बेदर्द हैं, ये एहसास हुया मुझे कब, जब मैंने एक मासूम से बच्चे को खिलोनों की दुकान पर काम करते देखा”। अपने देश को संभाल कर रखना है तो, पहले हर बच्चा, हर परिवार, पूरा समाज को संभलना होगा, चलिये शुरूआत खुद से, खुद के परिवार, पड़ोस, शहर और जिले राज्य से देश तक जाना होगा।

हमने ये फ़ैसला कर लिया अब, देश और दुनिया को बदलें सब।

निदान खोजिये-Move Step by step,Step by step, Go Diamond

  • (1) बाल श्रम 
  • (2) हमारा स्वास्थ्य
  • (3)महिला सुरक्षा 
  • (4) पर्यावरण 
  • (5) ट्रैफ़िक और भीड़भाड़  
  • (6) गरीबी  
  • (7) जनसंख्या वृद्धि 
  • (8) बेरोज़गारी  
  • (9) बुजुर्गों का ध्यान रखना 
  • (10) शिक्षा 
  • (11) बालिका बचाओ 
  • (12) भ्रष्टाचार 

(1) बाल श्रम

क्या हम कभी इन व्यस्त हैंड्सफ्री को बना सकते हैं?

हम मिलकर इसे रोक सकते हैं यदि हम इस भयानक बर्फ को हतोत्साहित करने का वादा करते हैं।

“एक कदम से फर्क पड़ सकता है”।

(2) हमारा स्वास्थ्य

क्या हम कभी अपने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर हो सकते हैं?

अगर हम सभी स्वास्थ्य के प्रति सचेत हो जाएं तो इससे पहले कि हम पैदा हो सकें, कई मुद्दों को रोक सकते हैं …..

“रोकथाम इलाज से बेहतर है”।

25 Great Quotes Of W. Clement Stone

(3)महिला सुरक्षा

क्या हम कभी कह सकते हैं कि महिलाएं सुरक्षित हैं?

हमारी लड़कियों को सावधान रहने के लिए सिखाने से पहले, हमें अपने लड़कों को उचित व्यवहार करना सिखाना चाहिए

“हम मिलकर बदलाव ला सकते हैं”।

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हमारी सबसे मुख्य समस्याएँ 

(4) पर्यावरण

क्या हम कभी अपनी पृथ्वी को संतुष्ट कर सकते हैं?

हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी धरती से जो कुछ भी ले गए हैं उसे वापस लौटाएं और जो बचा है उसकी

देखभाल करें ।

“पर्यावरण की देखभाल हमारा कर्तव्य है”।

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(5) ट्रैफ़िक और भीड़भाड़

हम कभी सड़कों पर तेज ड्राइविंग का अनुभव कर सकते हैं?

सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग इस गंभीर मुद्दों को कम से कम कुछ हद तक कम कर सकता है …।

“स्वयं में बदलाव लाएं”।

सच्चे देशवासी बनिये-सतर्क और जागरूक रहिये-दूसरों के हित की भी परवाह कीजिये। 

(6) गरीबी

क्या हम कभी गरीबी से पूरी तरह छुटकारा पा सकते हैं?

ग्रामीण क्षेत्रों और गाँवों में लघु उद्योग स्थापित करने से गरीबी उन्मूलन में मदद मिल सकती है … ।

“गरीबी एक अस्थायी बुराई है”।

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(7) जनसंख्या वृद्धि

क्या हम कभी इस मुद्दे पर जांच कर सकते हैं?

घबराहट ही एकमात्र उपाय है जो हमारी तेजी से बढ़ती जनसंख्या को कम कर सकता है।

“ज्ञान ही एकमात्र उपाय है”।

(8) बेरोज़गारी

हम कभी भी हमारे समाज से इस शब्द का उपयोग कर सकते हैं ??

आयात करने के बजाय हमारी अपने देश में वस्तुओं के विनिर्माण को प्रोत्साहित करना इस स्थिति को कम कर सकता है।

“हम इसे एक दिन हल कर सकते हैं”।

(9) बुजुर्गों का ध्यान रखना

बुढ़ापे का ध्यान क्या हम कभी इन अकेले चेहरों पर मुस्कान ला सकते हैं?

बड़ों की उपेक्षा करना एक पुरानी कहानी है, क्योंकि हम सभी यह भूल जाते हैं कि एक दिन हम पीड़ित होंगे …. ।

“उन्हें आपकी सहायता की आवश्यकता है”।

(10) शिक्षा

क्या हम कभी अपने प्रत्येक बच्चे को शिक्षित बना सकते हैं?

शिक्षा की कमी कई सामाजिक मुद्दों का मूल कारण है जो समाज में उत्पन्न हो रहे हैं ….।

“ शिक्षा काले दिमाग को प्रबुद्ध करती है”।

https://bharatskills.gov.in/

(11) बालिका बचाओ

क्या हम कभी समझ सकते हैं कि समानता क्या है?

लिंग भेदभाव वह चरण है जो दिखाता है कि अब भी हमारे दिमाग विकसित हैं …. ।

“अपने विचारों को बदलें, फिर कार्य करें”।

(12) भ्रष्टाचार

क्या हम कभी भ्रष्टाचार को मिटा सकते हैं?

निष्ठा को काम में अपना पहला आदर्श वाक्य बताएं, तभी आप एक प्रतिबद्ध नागरिक बन पाएंगे … ।

“अपना वेतन स्वीकार करें न कि रिश्वत”।

Self Improvement For Success: Definition of a Happy and Successful life

दुनिया में कितना गम है, मेरा गम कितना कम है

लोगों का गम देखा तो, मैं अपना गम भूल गया।

कोई एक हजारों में शायद ही खुश होता है,

कोई किसी को रोता है, कोई किसी को रोता है ।

हर घर में मातम है, मेरा गम कितना कम है,

इसका रंग रूप नहीं, इसको जीवन कहते हैं,

कभी हंसी आ जाती है, कभी ये आँसू बहते हैं।

दुख सुख का ये संगम है, मेरा गम कितना कम है,
दुनिया में कितना गम है, मेरा गम कितना कम है