SOCIAL WELLNESS (सामाजिक कल्याण) 

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SOCIAL WELLNESS (सामाजिक कल्याण) 

SOCIAL WELLNESS (सामाजिक कल्याण )- हमें अच्छा जीवन जीने के लिये सकारात्मक विचारधारा के साथ जीवन यापन करना चाहिये; और इसके लिये सकारात्मक और उच्च विचारों वाले लोगों के साथ अधिक से अधिक समय बताएं, जैसे कि अच्छी पुस्तकों को कम से कम 1 घंटे रोज पढ़ें। सकारात्मक सोच वाली मोटिवेशनल प्रेरणात्मक वीडियो देखें ऑडियो सुने। और ऐसे ही लोगों के साथ आप मिले जुलें, बातचीत करें जिनसे मिलकर आपको प्रेरणा मिले।

आपका एटीट्यूड, आपका रवैया आपका नजरिया सकारात्मक रहे,

और आप अधिक से अधिक लोगों की भलाई के बारे में सोच सके, उनका भला कर सके लोगों की सेवा और सहायता करने के लिए परोपकार करने के लिए हमेशा तत्पर रहें । औरों के हित भी चिंता करें।

SOCIAL WELLNESS (सामाजिक कल्याण)  पवित्र शास्त्र के अनुसार

(1) SERVICE (सेवा कार्य)  

A Good Servant of Christ Jesus: हम लोग इसलिए कठिन परिश्रम करते हुए जूझते रहते हैं।

हमने अपनी आशाएँ सबके, विशेष कर विश्वासियों के, उद्धारकर्त्ता सजीव परमेश्वर पर टिका दी है।  इन्हीं बातों का आदेश और उपदेश दो। तू अभी युवक है। इसी से कोई तुझे तुच्छ न समझे। बल्कि तू अपनी बात-चीत, चाल-चलन, प्रेम-प्रकाशन, अपने विश्वास और पवित्र जीवन से विश्वासियों के लिए एक उदाहरण बन जा। यदि सेवा करने का दान मिला हो, तो सेवा में लगा रहे, यदि कोई सिखाने वाला हो, तो सिखाने में लगा रहे।रोमियो 12:7

(2) TEACH (शिक्षित करें )

जो उपदेशक हो, वह उपदेश देने में लगा रहे; दान देनेवाला उदारता से दे, जो अगुआई करे, वह उत्साह से करे, जो दया करे, वह हर्ष से करे। रोमियो 12:8/ अब देखो उसे एक ऐसा जीवन जीना चाहिए जिसकी लोग न्यायसंगत आलोचना न कर पायें। उसके एक ही पत्नी होनी चाहिए। उसे शालीन होना चाहिए, आत्मसंयमी, सुशील तथा अतिथिसत्कार करने वाला एवं शिक्षा देने में निपूण होना चाहिए।  वह पियक्कड़ नहीं होना चाहिए, न ही उसे झगड़ालू होना चाहिए।  परमेश्वर के सज्जन को शांतिप्रिय होना चाहिए।

(3) बुराई के बदले बुराई मत करो;

तुम्हारा प्रेम सच्चा हो। बुराई से घृणा करो। नेकी से जुड़ो।  भाई चारे के साथ एक दूसरे के प्रति समर्पित रहो। आपस में एक दूसरे को आदर के साथ अपने से अधिक महत्व दो। ेलमिलाप से रहो। अभिमान मत करो बल्कि दीनों की संगति करो। अपने को बुद्धिमान मत समझो।  न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो। 1 पतरस 3:9

(4) बुराई का साथ छोड़े, और भलाई ही करे;

 जो कोई जीवन की इच्छा रखता है, और अच्छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे। 1 पतरस 3:10 वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई ही करे; वह मेल मिलाप को ढूंढें, और उस के यत्न में रहे। 1 पतरस 3:11

SOCIAL WELLNESS (सामाजिक कल्याण) 

(5) यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ,

Faith Without Works Is Dead- ऐसा विश्वास क्या उसका उद्धार कर सकता है?  इसी प्रकार यदि विश्वास के साथ कर्म नहीं है तो वह अपने आप में निष्प्राण है।

तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ। 1 पतरस 3:14

(6) आशावान रहो:

Future Glory: पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ। मेरे विचार में इस समय की हमारी यातनाएँ प्रकट होने वाली भावी महिमा के आगे कुछ भी नहीं है। क्योंकि यह सृष्टि बड़ी आशा से उस समय का इंतज़ार कर रही है जब परमेश्वर की संतान को प्रकट किया जायेगा।  यह सृष्टि निःसार थी अपनी इच्छा से नहीं, बल्कि उसकी इच्छा से जिसने इसे इस आशा के अधीन किया।

(7) विवेक भी शुद्ध रखो,

इसलिये कि जिन बातों के विषय में तुम्हारी बदनामी होती है उनके विषय में वे, जो तुम्हारे मसीही अच्छे चालचलन का अपमान करते हैं लज्जित हों। 1 पतरस 3:16

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