उत्पत्ति में यीशु हैं-भाग-1 (jesus in genesis)

उत्पत्ति में यीशु हैं-भाग-1 (Jesus in Genesis)

उत्पत्ति में यीशु हैं-भाग-1 (Jesus in Genesis)

1. उत्पत्ति में यीशु हैं-भाग-1 (Jesus in Genesis)

उत्पत्ति में यीशु हैं-भाग-1 (Jesus in Genesis). उत्पत्ति से प्रकाशितवाक्य में यीशु के प्रकार, भविष्यवाणियाँ, नाम और शीर्षक बाइबिल यीशु के बारे में है।यीशु उत्पत्ति से लेकर प्रकाशित वाक्य  तक  66 बाइबल पुस्तकों में प्रत्येक जगह में है, उसके विषय के बारे में अनेक  भविष्यवाणी की गई है।यीशु मसीह को बाइबल में विभिन्न पात्रों के जीवन में प्रकारों के माध्यम से भी देखा जाता है।

बाइबल की हर किताब

नीचे बाइबल, उत्पत्ति से प्रकाशितवाक्य की सभी पुस्तकों में उन्हें प्रकार, भविष्यवाणियों, उपाधियों और नामों के माध्यम से दिखाया गया है।

पुराना नियम पुस्तिका मुख्य रहस्योद्घाटन यीशु के प्रकार और भविष्यवाणियाँ

उत्पत्ति स्त्री का बीज मसीहा एक महिला के बीज से पैदा होगा (उत्पत्ति 3:15, लूका 1: 34-35)

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उत्पत्ति में यीशु हैं-भाग-1 Genesis
  • मैं तेरे और इस स्त्री के बीच में, और तेरे वंश और इसके वंश के बीच में बैर उत्पन्न करुंगा, वह तेरे सिर को कुचल डालेगा,
  • और तू उसकी एड़ी को डसेगा। उत्पत्ति 3:15,
  • मरियम ने स्वर्गदूत से कहा, यह क्योंकर होगा?
  • मैं तो पुरूष को जानती ही नहीं।  लूका 1:34,
  • स्वर्गदूत ने उस को उत्तर दिया; कि पवित्र आत्मा तुझ पर उतरेगा,
  • और परमप्रधान की सामर्थ तुझ पर छाया करेगी इसलिये वह पवित्र जो उत्पन्न होनेवाला है, परमेश्वर का पुत्र कहलाएगा। लूका 1:35

मसीहा अब्राहम, इसहाक और याक़ूब (जैकब) का वंशज होगा (उत्पत्ति 12: 3, 17:19, 28:14, ल्यूक 3 : 23-34)

  • जो तुझे आशीर्वाद दें, उन्हें मैं आशीष दूंगा; और जो तुझे कोसे, उसे मैं शाप दूंगा; भूमण्डल के सारे कुल तेरे द्वारा आशीष पाएंगे।  उत्पत्ति 12:3
  • तब परमेश्वर ने कहा, निश्चय तेरी पत्नी सारा के तुझ से एक पुत्र उत्पन्न होगा; और तू उसका नाम इसहाक रखना: और मैं उसके साथ ऐसी वाचा बान्धूंगा जो उसके पश्चात उसके वंश के लिये युग युग की वाचा होगी। उत्पत्ति 17:19
  • और तेरा वंश भूमि की धूल के किनकों के समान बहुत होगा,  पच्छिम, पूरब, उत्तर, दक्खिन, चारों ओर फैलता जाएगा: और तेरे और तेरे वंश के द्वारा पृथ्वी के सारे कुल आशीष पाएंगे।  उत्पत्ति 28:14

लूका:23

  •  जब यीशु आप उपदेश करने लगा, जो लगभग तीस वर्ष की आयु का था और (जैसा समझा जाता था) यूसुफ का पुत्र था; और वह एली का। लूका 3:23
  • और वह मत्तात का, और वह लेवी का, और वह मलकी का, और वह यन्ना का, और वह यूसुफ का। लूका 3:2
  • मसीहा यहूदा के वंश में एक राजा होगा (उत्प। 49:10, यूहन्ना 1:49)
  • जब तक शीलो न आए तब तक न तो यहूदा से राजदण्ड छूटेगा, न उसके वंश से व्यवस्था देनेवाला अलग होगा; और राज्य राज्य के लोग उसके आधीन हो जाएंगे॥  उत्पत्ति 49:10
  • नतनएल ने उस को उत्तर दिया, कि हे रब्बी, तू परमेश्वर का पुत्र है; तू इस्त्राएल का महाराजा है।  यूहन्ना 1:49
  • जब शालेम का राजा मेल्कीसेदेक, जो परमप्रधान ईश्वर का याजक था, रोटी और दाखमधु ले आया। उत्पत्ति 14:18
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उत्पत्ति में यीशु हैं-भाग-1 Genesis

मल्कीसेदेक की शख्सियत में टाइप किया गया (उत्पत्ति 14:18)

  • इन बातों के पश्चात ऐसा हुआ कि परमेश्वर ने, इब्राहीम से यह कहकर उसकी परीक्षा की, कि हे इब्राहीम: उसने कहा, देख, मैं यहां हूं।  उत्पत्ति 22:
  • उसने कहा, अपने पुत्र को अर्थात अपने एकलौते पुत्र इसहाक को, जिस से तू प्रेम रखता है, संग ले कर मोरिय्याह देश में चला जा, और वहां उसको एक पहाड़ के ऊपर जो मैं तुझे बताऊंगा होमबलि करके चढ़ा। उत्पत्ति 22:2
  • सो इब्राहीम बिहान को तड़के उठा और अपने गदहे पर काठी कसकर अपने दो सेवक, और अपने पुत्र इसहाक को संग लिया, और होमबलि के लिये लकड़ी चीर ली; तब कूच करके उस स्थान की ओर चला, जिसकी चर्चा परमेश्वर ने उससे की थी। उत्पत्ति 22:3
  • तीसरे दिन इब्राहीम ने आंखें उठा कर उस स्थान को दूर से देखा। उत्पत्ति 22:4
  • और उसने अपने सेवकों से कहा गदहे के पास यहीं ठहरे रहो; यह लड़का और मैं वहां तक जा कर, और दण्डवत करके, फिर तुम्हारे पास लौट आऊंगा। उत्पत्ति 22:5

उत्पत्ति 22:6

  •  सो इब्राहीम ने होमबलि की लकड़ी ले अपने पुत्र इसहाक पर लादी, और आग और छुरी को अपने हाथ में लिया; और वे दोनों एक साथ चल पड़े। उत्पत्ति 22:6
  • इसहाक ने अपने पिता इब्राहीम से कहा, हे मेरे पिता; उसने कहा, हे मेरे पुत्र, क्या बात है उसने कहा,
  • देख, आग और लकड़ी तो हैं; पर होमबलि के लिये भेड़ कहां है?  उत्पत्ति 22:7
  • इब्राहीम ने कहा, हे मेरे पुत्र, परमेश्वर होमबलि की भेड़ का उपाय आप ही करेगा। उत्पत्ति 22:8
  • सो वे दोनों संग संग आगे चलते गए। और वे उस स्थान को जिसे परमेश्वर ने उसको बताया था पहुंचे; तब इब्राहीम ने वहां वेदी बनाकर लकड़ी को चुन चुनकर रखा, और अपने पुत्र इसहाक को बान्ध के वेदी पर की लकड़ी के ऊपर रख दिया। उत्पत्ति 22:9

इब्राहीम ने हाथ बढ़ाकर छुरी को ले लिया कि अपने पुत्र को बलि करे।  उत्पत्ति 22:10

  • तब यहोवा के दूत ने स्वर्ग से उसको पुकार के कहा, हे इब्राहीम, हे इब्राहीम; उसने कहा, देख, मैं यहां हूं। उत्पत्ति 22:11
  • उसने कहा, उस लड़के पर हाथ मत बढ़ा, और न उससे कुछ कर: क्योंकि तू ने जो मुझ से अपने पुत्र, वरन अपने एकलौते पुत्र को भी, नहीं रख छोड़ा; इस से मैं अब जान गया कि तू परमेश्वर का भय मानता है। उत्पत्ति 22:12
  • तब इब्राहीम ने आंखे उठाई, और क्या देखा, कि उसके पीछे एक मेढ़ा अपने सींगो से एक झाड़ी में बंझा हुआ है:
  • सो इब्राहीम ने जाके उस मेंढ़े को लिया, और अपने पुत्र की सन्ती होमबलि करके चढ़ाया। उत्पत्ति 22:13
  • और इब्राहीम ने उस स्थान का नाम यहोवा यिरे रखा: इसके अनुसार आज तक भी कहा जाता है, कि यहोवा के पहाड़ पर उपाय किया जाएगा।  उत्पत्ति 22:14
  • फिर यहोवा के दूत ने दूसरी बार स्वर्ग से इब्राहीम को पुकार के कहा,  उत्पत्ति 22:15

यहोवा की यह वाणी है, कि मैं अपनी ही यह शपथ खाता हूं, कि तू ने जो यह काम किया है कि अपने पुत्र, वरन अपने एकलौते पुत्र को भी, नहीं रख छोड़ा;  उत्पत्ति 22:16

  • इस कारण मैं निश्चय तुझे आशीष दूंगा; और निश्चय तेरे वंश को आकाश के तारागण, और समुद्र के तीर की बालू के किनकों के समान अनगिनित करूंगा, और तेरा वंश अपने शत्रुओं के नगरों का अधिकारी होगा:  उत्पत्ति 22:17
  •  पृथ्वी की सारी जातियां अपने को तेरे वंश के कारण धन्य मानेंगी: क्योंकि तू ने मेरी बात मानी है। उत्पत्ति 22:18

बाइबिल की सभी पुस्तकों में यीशु हैं-भाग-1 तौरैत (उत्पत्ति)

  • युसुफ का जीवन – अस्वीकृत भाई (उत्पत्ति 37)
  • और याकूब के वंश का वृत्तान्त यह है: कि यूसुफ सतरह वर्ष का हो कर भाइयों के संग भेड़-बकरियों को चराता था;
  • और वह लड़का अपने पिता की पत्नी बिल्हा, और जिल्पा के पुत्रों के संग रहा करता था:
  •  उनकी बुराईयों का समाचार अपने पिता के पास पहुंचाया करता था: उत्पत्ति 37:2
  • और इस्राएल अपने सब पुत्रों से बढ़के यूसुफ से प्रीति रखता था, क्योंकि वह उसके बुढ़ापे का पुत्र था:
  • और उसने उसके लिये रंग बिरंगा अंगरखा बनवाया।  उत्पत्ति 37:3
  • सो जब उसके भाईयों ने देखा, कि हमारा पिता हम सब भाइयों से अधिक उसी से प्रीति रखता है,
  • तब वे उससे बैर करने लगे और उसके साथ ठीक तौर से बात भी नहीं करते थे। उत्पत्ति 37:
  • और अपने भाइयों से उसका वर्णन किया: तब वे उससे और भी द्वेष करने लगे। उत्पत्ति 37:
  •  उसने उन से कहा, जो स्वप्न मैं ने देखा है, सो सुनो: उत्पत्ति 37
  • हम लोग खेत में पूले बान्ध रहे हैं, और क्या देखता हूं कि मेरा पूला उठ कर सीधा खड़ा हो गया; तब तुम्हारे पूलों ने मेरे पूले को चारों तरफ से घेर लिया और उसे दण्डवत किया।  उत्पत्ति 37:7

यूसुफ ने एक स्वप्न देखा,

  • तब उसके भाइयों ने उससे कहा, क्या सचमुच तू हमारे ऊपर राज्य करेगा? वा सचमुच तू हम पर प्रभुता करेगा? सो वे उसके स्वप्नों और उसकी बातों के कारण उससे और भी अधिक बैर करने लगे। उत्पत्ति 37:8
  • फिर उसने एक और स्वप्न देखा, और अपने भाइयों से उसका भी यों वर्णन किया, कि सुनो, मैं ने एक और स्वप्न देखा है, कि सूर्य और चन्द्रमा, और ग्यारह तारे मुझे दण्डवत कर रहे हैं। उत्पत्ति 37:9
  • यह स्वप्न उसने अपने पिता, और भाइयों से वर्णन किया: तब उसके पिता ने उसको दपट के कहा, यह कैसा स्वप्न है जो तू ने देखा है?
  • क्या सचमुच मैं और तेरी माता और तेरे भाई सब जा कर तेरे आगे भूमि पर गिरके दण्डवत करेंगे? उत्पत्ति 37:10
  • उसके भाई तो उससे डाह करते थे; पर उसके पिता ने उसके उस वचन को स्मरण रखा। उत्पत्ति 37:11
  • और उसके भाई अपने पिता की भेड़-बकरियों को चराने के लिये शकेम को गए।  उत्पत्ति 37:12

उत्पत्ति 37:13

  • तब इस्राएल ने यूसुफ से कहा, तेरे भाई तो शकेम ही में भेड़-बकरी चरा रहें होंगे, सो जा, मैं तुझे उनके पास भेजता हूं। उसने उससे कहा जो आज्ञा मैं हाजिर हूं। उत्पत्ति 37:13
  • उससे कहा, जा, अपने भाइयों और भेड़-बकरियों का हाल देख आ कि वे कुशल से तो हैं, फिर मेरे पास समाचार ले आ। सो उसने उसको हेब्रोन की तराई में विदा कर दिया, और वह शकेम में आया। उत्पत्ति 37:
  •  किसी मनुष्य ने उसको मैदान में इधर उधर भटकते हुए पाकर उससे पूछा, तू क्या ढूंढता है? उत्पत्ति 37:1
  • उसने कहा, मैं तो अपने भाइयों को ढूंढता हूं: कृपा कर मुझे बता, कि वे भेड़-बकरियों को कहां चरा रहे हैं?  उत्पत्ति 37:16
  • उस मनुष्य ने कहा, वे तो यहां से चले गए हैं: और मैं ने उन को यह कहते सुना, कि आओ, हम दोतान को चलें।
  • सो यूसुफ अपने भाइयों के पास चला, और उन्हें दोतान में पाया।  उत्पत्ति 37:17
  • और ज्योंही उन्होंने उसे दूर से आते देखा, तो उसके निकट आने के पहिले ही उसे मार डालने की युक्ति की।  उत्पत्ति 37:18

उत्पत्ति 37:19

  • और वे आपस में कहने लगे, देखो, वह स्वप्न देखनेहारा आ रहा है।  उत्पत्ति 37: 19
  • सो आओ, हम उसको घात करके किसी गड़हे में डाल दें, और यह कह देंगे, कि कोई दुष्ट पशु उसको खा गया।
  • फिर हम देखेंगे कि उसके स्वप्नों का क्या फल होगा।  उत्पत्ति 37:20
  • यह सुनके रूबेन ने उसको उनके हाथ से बचाने की मनसा से कहा, हम उसको प्राण से तो न मारें।  उत्पत्ति 37:21
  • फिर रूबेन ने उन से कहा, लोहू मत बहाओ, उसको जंगल के इस गड़हे में डाल दो,
  • और उस पर हाथ मत उठाओ। वह उसको उनके हाथ से छुड़ाकर पिता के पास फिर पहुंचाना चाहता था।  उत्पत्ति 37:22
  • सो ऐसा हुआ, कि जब यूसुफ अपने भाइयों के पास पहुंचा तब उन्हों ने उसका रंगबिरंगा अंगरखा, जिसे वह पहिने हुए था, उतार लिया। उत्पत्ति 37:23

उत्पत्ति 37:24

  • और यूसुफ को उठा कर गड़हे में डाल दिया: वह गड़हा तो सूखा था और उस में कुछ जल न था।  उत्पत्ति 37:24
  • तब वे रोटी खाने को बैठ गए: और आंखे उठा कर क्या देखा, कि इश्माएलियों का एक दल ऊंटो पर सुगन्धद्रव्य, बलसान, और गन्धरस लादे हुए, गिलाद से मिस्र को चला जा रहा है।उत्पत्ति 37:25
  • तब यहूदा ने अपने भाइयों से कहा, अपने भाई को घात करने और उसका खून छिपाने से क्या लाभ होगा?  उत्पत्ति 37:26
  • आओ, हम उसे इश्माएलियों के हाथ बेच डालें, और अपना हाथ उस पर न उठाएं, क्योंकि वह हमारा भाई और हमारी हड्डी और मांस है, सो उसके भाइयों ने उसकी बात मान ली। तब मिद्यानी व्यापारी उधर से होकर उनके पास पहुंचे:  उत्पत्ति 37:27
  • सो यूसुफ के भाइयों ने उसको उस गड़हे में से खींच के बाहर निकाला,
  • और इश्माएलियों के हाथ चांदी के बीस टुकड़ों में बेच दिया: और वे यूसुफ को मिस्र में ले गए। उत्पत्ति 37:28
  • और रूबेन ने गड़हे पर लौटकर क्या देखा, कि यूसुफ गड़हे में नहीं हैं; सो उसने अपने वस्त्र फाड़े।  उत्पत्ति 37:29

उत्पत्ति 37:30

  • अपने भाइयों के पास लौटकर कहने लगा, कि लड़का तो नहीं हैं; अब मैं किधर जाऊं?  उत्पत्ति 37:30
  • तब उन्होंने यूसुफ का अंगरखा लिया, और एक बकरे को मार के उसके लोहू में उसे डुबा दिया। उत्पत्ति 37:31
  • और उन्होंने उस रंग बिरंगे अंगरखे को अपने पिता के पास भेज कर कहला दिया;
  • कि यह हम को मिला है, सो देखकर पहिचान ले, कि यह तेरे पुत्र का अंगरखा है कि नहीं।  उत्पत्ति 37:32
  • उसने उसको पहिचान लिया, और कहा, हां यह मेरे ही पुत्र का अंगरखा है;
  • किसी दुष्ट पशु ने उसको खा लिया है; नि:सन्देह यूसुफ फाड़ डाला गया है। उत्पत्ति 37:33
  • तब याकूब ने अपने वस्त्र फाड़े और कमर में टाट लपेटा, और अपने पुत्र के लिये बहुत दिनों तक विलाप करता रहा।  उत्पत्ति 37:34

उत्पत्ति 37:35

  • उसके सब बेटे-बेटियों ने उसको शान्ति देने का यत्न किया; पर उसको शान्ति न मिली;
  • और वह यही कहता रहा, मैं तो विलाप करता हुआ अपने पुत्र के पास अधोलोक में उतर जाऊंगा।
  • इस प्रकार उसका पिता उसके लिये रोता ही रहा। उत्पत्ति 37:35
  • मिद्यानियों ने यूसुफ को मिस्र में ले जा कर पोतीपर नाम, फिरौन के एक हाकिम, और जल्लादों के प्रधान, के हाथ बेच डाला॥ उत्पत्ति 37

प्रभु यीशु मसीह बाइबल की हर किताब में मौजूद हैं

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