अय्यूब की पुस्तक में “मन” शब्द कितनी बार आया है? 30 बाइबल पद। How many times does the word “mind” appear in the book of Job?

अय्यूब की पुस्तक में “मन” शब्द कितनी बार आया है? 30 बाइबल पद। How many times does the word “mind” appear in the book of Job? बाइबल की नये नियम की पुस्तक में ‘मन’ शब्द कितनी बार और कहाँ-कहाँ आया है? (How many times and where does the word ‘mind’ appear in the New Testament book of the Bible?) 4 सुसमाचारों में 96 पद। भाग-1,

मन’ शब्द बाइबल में कहाँ कहाँ आया है? 162 पद। नये नियम की पुस्तक और पत्रियों में ‘मन’ शब्द। Where does the word ‘mind’ appear in the Bible? भाग-2,

बाइबल की पुराने नियम की 5 पुस्तकों (तौरेत) में ‘मन’ से सबंधित पद (Words relating to ‘mind’ in 5 Old Testament books (Tourat) of the Bible), बाइबल की 12 ऐतिहासिक पुस्तकों में मन शब्द। (Words of the Mind in the 12 Historical Books of the Bible)

अय्यूब की पुस्तक में "मन" शब्द कितनी बार आया है? How many times does the word "mind" appear in the book of Job?
अय्यूब की पुस्तक में “मन” शब्द कितनी बार आया है? How many times does the word “mind” appear in the book of Job?

अय्यूब 3:20,  7:11, 17, 8:10, 9:27, 10:1, 13, 20,  

  • दु:खियों को उजियाला, और उदास मन वालों को जीवन क्यों दिया जाता है? अय्यूब 3:20
  • इसलिये मैं अपना मुंह बन्द न रखूंगा; अपने मन का खेद खोल कर कहूंगा; और अपने जीव की कड़ुवाहट के कारण कुड़कुड़ाता रहूंगा। अय्यूब 7:11
  • मनुष्य क्या है, कि तू उसे महत्व दे, और अपना मन उस पर लगाए, अय्यूब 7:17
  • क्या वे लोग तुझ से शिक्षा की बातें न कहेंगे? क्या वे अपने मन से बात न निकालेंगे? अय्यूब 8:10
  • जो मैं कहूं, कि विलाप करना फूल जाऊंगा, और उदासी छोड़कर अपना मन प्रफुल्लित कर दूंगा, अय्यूब 9:27
  • मेरा प्राण जीवित रहने से उकताता है; मैं स्वतंत्रता पूर्वक कुड़कुड़ाऊंगा; और मैं अपने मन की कड़वाहट के मारे बातें करूंगा। अय्यूब 10:1
  • तौभी तू ने ऐसी बातों को अपने मन में छिपा रखा; मैं तो जान गया, कि तू ने ऐसा ही करने को ठाना था। अय्यूब 10:13
  • क्या मेरे दिन थोड़े नहीं? मुझे छोड़ दे, और मेरी ओर से मुंह फेर ले, कि मेरा मन थोड़ा शान्त हो जाए अय्यूब 10:20

अय्यूब 11:13, 13:11, 15:12, 17:4, 11, 22:22, 23:14, 16, 

  • यदि तू अपना मन शुद्ध करे, और ईश्वर की ओर अपने हाथ फैलाए, अय्यूब 11:13
  • क्या तुम उसके माहात्म्य से भय न खाओगे? क्या उसका डर तुम्हारे मन में न समाएगा? अय्यूब 13:11
  • तेरा मन क्यों तुझे खींच ले जाता है? और तू आंख से क्यों सैन करता है? अय्यूब 15:12
  • तू ने इनका मन समझने से रोका है, इस कारण तू इन को प्रबल न करेगा। अय्यूब 17:4
  • मेरे दिन तो बीत चुके, और मेरी मनसाएं मिट गई, और जो मेरे मन में था, वह नाश हुआ है। अय्यूब 17:11
  • उसके मुंह से शिक्षा सुन ले, और उसके वचन अपने मन में रख। अय्यूब 22:22
  • जो कुछ मेरे लिये उसने ठाना है, उसी को वह पूरा करता है; और उसके मन में ऐसी ऐसी बहुत सी बातें हैं। अय्यूब 23:14
  • क्योंकि मेरा मन ईश्वर ही ने कच्चा कर दिया, और सर्वशक्तिमान ही ने मुझ को असमंजस में डाल दिया है। अय्यूब 23:16
अय्यूब की पुस्तक में "मन" शब्द कितनी बार आया है? 30 बाइबल पद।  How many times does the word "mind" appear in the book of Job?

अय्यूब की पुस्तक में “मन” शब्द कितनी बार आया है? 30 बाइबल पद। How many times does the word “mind” appear in the book of Job?

अय्यूब 26:4,  27:6,  31:7, 27,  32:18-19, 33:3, 20, 34:14, 33, 

  • तू ने किसके हित के लिये बातें कही? और किसके मन की बातें तेरे मुंह से निकलीं? अय्यूब 26:4
  • मैं अपना धर्म पकड़े हुए हूँ और उसको हाथ से जाने न दूंगा; क्योंकि मेरा मन जीवन भर मुझे दोषी नहीं ठहराएगा। अय्यूब 27:6
  • यदि मेरे पग मार्ग से बहक गए हों, और मेरा मन मेरी आंखो की देखी चाल चला हो, वा मेरे हाथों को कुछ कलंक लगा हो; अय्यूब 31:7
  • मैं मन ही मन मोहित हो गया होता, और अपने मुंह से अपना हाथ चूम लिया होता; अय्यूब 31:27
  • क्योंकि मेरे मन में बातें भरी हैं, और मेरी आत्मा मुझे उभार रही है। अय्यूब 32:18
  • मेरा मन उस दाखमधु के समान है, जो खोला न गया हो; वह नई कुप्पियों की नाईं फटा चाहता है। अय्यूब 32:19
  • मेरी बातें मेरे मन की सिधाई प्रगट करेंगी; जो ज्ञान मैं रखता हूं उसे खराई के साथ कहूंगा। अय्यूब 33:3
  • यहां तक कि उसका प्राण रोटी से, और उसका मन स्वादिष्ट भोजन से घृणा करने लगता है। अय्यूब 33:20
  • यदि वह मनुष्य से अपना मन हटाये और अपना आत्मा और श्वास अपने ही में समेट ले, अय्यूब 34:14
  • क्या वह तेरे ही मन के अनुसार बदला पाए क्योंकि तू उस से अप्रसन्न है? क्योंकि तुझे निर्णय करना है, न कि मुझे; इस कारण जो कुछ तुझे समझ पड़ता है, वह कह दे। अय्यूब 34:33

अय्यूब 36:13, 32, 38:36, 41:9

  • परन्तु वे जो मन ही मन भक्तिहीन हो कर क्रोध बढ़ाते, और जब वह उन को बान्धता है, तब भी दोहाई नहीं देते, अय्यूब 36:13
  • वह बिजली को अपने हाथ में ले कर उसे आज्ञा देता है कि दुश्मन पर गिरे। अय्यूब 36:32
  • किस ने अन्त:करण में बुद्धि उपजाई, और मन में समझने की शक्ति किस ने दी है? अय्यूब 38:36
  • देख, उसे पकड़ने की आशा निष्फल रहती है; उसके देखने ही से मन कच्चा पड़ जाता है। अय्यूब 41:9
  1. बाइबल की नये नियम की पुस्तक में ‘मन’ शब्द कितनी बार और कहाँ-कहाँ आया है? (How many times and where does the word ‘mind’ appear in the New Testament book of the Bible?) 4 सुसमाचारों में 96 पद। भाग-1
  2. ‘मन’ शब्द बाइबल में कहाँ कहाँ आया है? 162 पद। नये नियम की पुस्तक और पत्रियों में ‘मन’ शब्द। Where does the word ‘mind’ appear in the Bible? भाग-2,
  3. बाइबल की पुराने नियम की 5 पुस्तकों (तौरेत) में ‘मन’ से सबंधित पद (Words relating to ‘mind’ in 5 Old Testament books (Tourat) of the Bible),
  4. बाइबल की 12 ऐतिहासिक पुस्तकों में मन शब्द। (Words of the Mind in the 12 Historical Books of the Bible)

https://en.wikipedia.org/wiki/Bible

https://www.prnewswire.com/news-releases/a-groundbreaking-new-bible-translation-was-released-this-year-and-it-charts-a-different-course-301115118.html

https://www.bible.com

अय्यूब की पुस्तक में "मन" शब्द कितनी बार आया है? How many times does the word "mind" appear in the book of Job?
अय्यूब की पुस्तक में "मन" शब्द कितनी बार आया है? How many times does the word "mind" appear in the book of Job?

अय्यूब की पुस्तक में “मन” शब्द कितनी बार आया है? 30 बाइबल पद। How many times does the word “mind” appear in the book of Job? भाग 5

Harshit Brave

I am a Health Care Advisor, Guide, Teacher, and Trainer. I am also a Life Counselling Coach. I have served in the healthcare field for over three decades. My work has focused on patient care, counselling, teaching, and guiding young professionals. This journey has given me profound insight into health, human behaviour, emotional resilience, and achieving a balanced life. I created Optimal Health to share practical knowledge gained through real experience. My goal is to help you build a healthy body, cultivate a calm mind, develop financial awareness, make informed decisions, and achieve spiritual peace. I believe true health means complete well-being. When your body, mind, purpose, and spirit work together, life becomes meaningful. Through my articles, videos, and guidance, I support you in: • Managing health challenges • Building positive habits • Strengthening mental resilience • Finding life direction • Growing in wisdom and spirituality I walk this path with you, not ahead of you. My role is to guide, teach, and support your journey toward a balanced and fulfilling life. Welcome to Optimal Health.