सफलता क्या है?

सफलता क्या है? 10 महत्वपूर्ण कदम (What is success? 10 Important Steps)

सफलता क्या है? 10 महत्वपूर्ण कदम (What is success? 10 Important Steps)

1. सफलता क्या है? 10 महत्वपूर्ण कदम (What is success? 10 Important Steps)

सफलता क्या है? सफलता क्या है? 10 महत्वपूर्ण कदम (What is success? 10 Important Steps)- यहोशू 1: 7-9 “किन्तु तुम्हें एक दूसरी बात के विषय में भी दृढ़ और साहसी रहना होगा। तुम्हें उन आदेशों का पालन निश्चय के साथ करना चाहिए, जिन्हें मेरे सेवक मूसा ने तुम्हें दिया। यदि तुम उसकी शिक्षाओं का ठीक-ठीक पालन करोगे, तो तुम जो कुछ करोगे उसमें सफल होगे।

सफलता क्या है?

उस व्यवस्था की किताब में लिखी गई बातों को सदा यदा रखो।

  • तुम उस किताब का अध्ययन दिन रात करो,
  • तभी तुम उसमें लिखे गए आदेशों के पालन के विषय में विश्वस्त रह सकते हो।
  • यदि तुम यह करोगे, तो तुम बुद्धिमान बनोगे और जो कुछ करोगे उसमें सफल होगे।
  • याद रखो, कि मैंने तुम्हें दृढ़ और साहसी बने रहने का आदेश दिया था। इसलिए कभी भयभीत न होओ,

 आपको ऐसा लग रहा है, कि प्रत्येक दिन में पर्याप्त समय नहीं है?

सफलता क्या है?

अवसर को बहूमूल्य समझो।

शास्त्र कहता है, इफिसियों- 5:15  “इसलिए सावधानी के साथ देखते रहो कि तुम कैसा जीवन जी रहे हो। विवेकहीन का सा आचरण मत करो, बल्कि बुद्धिमान का सा आचरण करो”।  जो हर अवसर का अच्छे कर्म करने के लिये पूरा-पूरा उपयोग करते हैं, क्योंकि ये दिन बुरे हैं ,”सावधान रहें, तब, आप कैसे रहते हैं, बुद्धिमान नहीं हैं, अपना अधिकांश समय बना रहे हैं।”

सफलता क्या है?

सफलता की चाबी (कुंजी) क्या है?

महत्वपूर्ण और प्रमुख कार्य पहले करो- अपने समय के सबसे को महत्वपूर्ण कार्य को पूर्ण बनाने के लिये जो सबसे महत्वपूर्ण है, उस पर ध्यान लगाओ; महत्वपूर्ण और प्रमुख पहले । सफलता के लिये लक्ष्य निर्धारण और समय प्रबंधन दो मूलभूल बातें हैं, जो कार्य के लिये जरूरी प्रेरणा (Inspiration) और ऊर्जा (Energy) देतीं हैं, तो पहले अपने लक्ष्यों की एक लंबी सूची तैयार कीजिये, और उनका समय निश्चित कीजिये।

सफलता के लिये चाहिये:-

1. एक लक्ष्य निर्धारण करना होगा।

लक्ष्य ना ओझल होने पाये, कदम कदम बढ़ाये चल।

मंज़िल तुझको मिल जायेगी, आज नहीं तो कल।।

2. समय की पाबंदी

समय की नज़ाकत, परिस्थितियों को समझिये। अवसर बार बार द्वार पर दस्तक नहीं देता,

अवसर की खासियत है, अवसरों में शोर,और शोर में अवसर कभी नहीं मिलेंगे।

3. लक्ष्य के प्रति समर्पण और लगन होनी चाहिये।

अपने कार्य के प्रति समर्पित व्यक्ति कभी फेल नहीं होता, असफलता अस्थाई होती है,

जबकि सफलता के लिये किये गये प्रयास आपको एक अलग तरह का इंसान बना देते हैं।

4. भरोसा ईश्वर और आत्मविश्वास ।

ईश्वर अन्यायी नहीं हैं, कि वो आपकी मेहनत का सही प्रतिफल ना दें, आप कार्य करते रहें,

आपका ईश्वर पर भरोसा आपको निचले स्तर से ऊँचा करता रहता है।

5. अनुशाशन और कठोर परिश्रम / कड़ी मेहनत.

अनुशाशन / लगाम और कड़ी मेहनत के अलावा सफलता का कोई और शॉर्टकट नहीं है

6. लगातार, निरंतर प्रयास

लगातार, निरंतर, रोज रोज थोड़े थोड़े प्रयासों दे ही सफलता मिलती है, या तो रास्ता खोजिये, या रास्ता बना लीजिये, पर रुकिये नहीं, अपने कार्य को करते रहिये।

7. जुनून, जज्बा, पागलपन

जुनून, जज़्बा हो दिलों में, तो फिर मुश्किलों की क्या औकात?

किसी भी काम में लोगों की सफलता के लिये सबसे ज्यादा श्रेय जाता है, उनको उनके काम के प्रति जुनून, पागलपन।

पागलपन यानि आपको आपके उस विशेष काम के अलावा कुछ नहीं दिखता, आप भूल जाते हैं कि खाना कब खाना है, आदि।

  • रातों को नींदें, ना दिल में करार, मोहब्बत भी क्या चीज़ होती है यार।

8. सीखने की इच्छा, सलाह मानने के लिये तैयार भावनाएं

जो व्यक्ति सफल होने की इच्छा रखता है, वह सीखना शुरू कर देता है, किससे सीखना है, इससे फर्क नहीं पड़ता, क्या सीखना है, इससे फर्क पड़ता है, तो आप ये ना सोचें कि सिखाने वाला आपसे कम बुद्धिमान और योग्य है, ये सोचें उसके अंदर कुछ तो खूबी है, और आप उसकी खूबी को अपनी खूबी के साथ मिलाते जाएँ। सीखने वाले तो बच्चों से भी सीख लेते हैं, पुस्तकें और संदेश ही मात्र एक माध्यम नहीं हैं सीखते रहने के, प्रकृति, पेड़, पौधे, जानवर, पक्षी, नदी, समुन्द्र, पहाड़ सब कुछ कहते हैं, अगर आप सुन सकते हैं, तो सीख भी पायेंगे।

9. ना और असफलता को स्वीकार करने की हिम्मत।

सफलता की कोई तैयार रेसेपी, दवा की पुड़िया, या कोई रॉकेट साइन्स नहीं है, ये बार बार किये गये प्रयासों के परिणाम स्वरूप असफलता द्वारा सीखे गये पाठों का एक बड़ा ना भूलने वाला अनुभव है, जिस के साथ कभी हाँ तो कभी ना, अच्छा बुरा, खट्टी मीठी बातें जुड़ी रहती हैं, आप जितने ज्यादा बार असफल होते हैं, ना सुनते हैं, आपकी सफलता की सीढ़ी उतनी मजबूत होती जाती है।

जिस व्यक्ति ने कभी हार नहीं देखी, वास्तव में उसने कभी कुछ कार्य करने का प्रयास ही नहीं किया। जितनी ज्यादा गलती, उतने अधिक प्रयास के सबूत हैं। और जितने अधिक असफलता के कडवे अनुभव, उतनी अधिक सफलता की खुशी।

10. धैर्य और संतुष्टि, समय पर आदतों को बदलने, परिवर्तन को ग्रहण करना ।

परिवर्तन को स्वीकार कीजिये, आदतों को बदलने में समय लगता है, पर धैर्य रखिये, सब कुछ अपने समय में अच्छा होगा। आनंद और संतुस्ति मिलेगी, हिम्मत हौसला कायम रखिये।

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